Best and Awesome Tourist Places to Visit in Ranikhet !!

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको उत्तराखंड दर्शन की इस पोस्ट में उत्तराखंड राज्य  के अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध एवम् आकर्षक स्थानों अर्थात ( Best and Awesome Tourist Places to Visit in Ranikhet !! ) के  बारे में पूरी जानकारी देने वाले है | यदि आप अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध एवम् आकर्षक स्थानों के बारे में पूरी जानकारी जानना चाहते है , तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े |

Ranikhet – A Famous Hillstation in Uttarakhand !!

रानीखेत भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक प्रमुख पहाड़ी पर्यटन स्थल है। रानीखेत, उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा ज़िले के अंतर्गत एक स्थान है। देवदार और बलूत के वृक्षों से घिरा रानीखेत बहुत ही रमणीक एक लघु हिल स्टेशन है। काठगोदाम रेलवे स्टेशन से 85 किमी. की दूरी पर स्थित यह अच्छी पक्की सड़क से जुड़ा है। इस स्थान से हिमाच्छादित मध्य हिमालयी श्रेणियाँ स्पष्ट देखी जा सकती हैं। समुद्रतल से लगभग 1830 मीटर की ऊंचाई पर बसे इस खूबसूरत शहर का भ्रमण करने के लिए विश्व भर से पर्यटक यहा आते है। यह नगर कभी अंग्रेजो की बेहद पसंदीदा जगह हुआ करता था । इस बात का प्रमाण है। अंग्रेजो द्वारा बनाए गए भव्य भवन जो आज भी इस नगर की शोभा को बढाते है। रानी खेत का मौसम और रानीखेत का तापमान भी बेहद मनभावन व सुहाना होता है | एक किवदंती के अनुसार रानीखेत का नाम रानी पद्मिनी के कारण पड़ा । रानी पद्मिनी राजा सुखदेव की पत्नी थीं, जो वहां के राज्य के शासक थे। रानीखेत की सुंदरता देख राजा और रानी बेहद प्रभावित हुए और उन्होंने वहीं रहने का फैसला कर किया। रानीखेत के कई इलाकों पर कुमांऊनी का शासन था पर बाद में यह ब्रिटिश शासकों के हाथ में चला गया। अंग्रेजों ने रानीखेत को छुट्टियों में मौज-मस्ती के लिए हिल स्टेशन के रूप में विकसित किया और 1869 में यहां कई छावनियां बनवाईं जो अब ‘कुमांऊ रेजीमेंटल सेंटर’ है। इस स्थान में अंग्रेजो के समय में छोटे-छोटे खेत थे , इसलिए इस स्थान का नाम ‘रानीखेत’ पड़ गया ।



Best and Awesome Tourist Places to Visit in Ranikhet !!

JHULA DEVI TEMPLE !!

झुला देवी मंदिर रानीखेत शहर से 7 कि.मी. की दुरी पर स्थित एक लोकप्रिय पवित्र एवम् धार्मिक मंदिर है | यह मंदिर माँ दुर्गा को समर्पित है एवम् इस मंदिर को झुला देवी के रूप में नामित किया गया है | स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर 700 वर्ष पुराना है | रानीखेत में स्थित झूला देवी मंदिर पहाड़ी स्टेशन पर एक आकर्षण का स्थान है | यह भारत के उत्तराखंड राज्य में अल्मोड़ा जिले के चैबटिया गार्डन के निकट रानीखेत से 7 किमी की दूरी पर स्थित है । वर्तमान मंदिर परिसर 1935 में बनाया गया है | झूला देवी मंदिर को झुला देवी मंदिर और घंटियों वाला मंदिर के रूप में भी जाना जाता है | यह कहा जाता है कि मंदिर लगभग 700 वर्ष पुराना है । यहां झूला देवी मंदिर में नियमित रूप से श्रद्धालुओं का आवागमन लगा रहता है । मंदिर के प्रति हिंदूओ का अत्यधिक विश्वास है , झुला देवी मंदिर उत्तराखंड में यात्रा के लिए एक लोकप्रिय स्थान है |

BINSAR MAHADEV TEMPLE !!

बिनसर महादेव मंदिर एक लोकप्रिय हिंदू मंदिर है । यह मंदिर रानीखेत से लगभग 20 किमी की दूरी पर स्थित है । कुंज नदी के सुरम्य तट पर करीब साढ़े पांच हजार फीट की ऊंचाई पर बिनसर महादेव का भव्य मंदिर है | समुद्र स्तर या सतह से 2480 मीटर की ऊंचाई पर बना यह मंदिर हरे-भरे देवदार आदि के जंगलों से घिरा हुआ है । हिंदू भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर का निर्माण 10 वीं सदी में किया गया था | बिनसर महादेव मंदिर क्षेत्र के लोगों का अपार श्रद्धा का केंद्र है। यह भगवान शिव और माता पार्वती की पावन स्थली मानी जाती है। प्राकृतिक रूप से भी यह स्थान बेहद खूबसूरत है । हर साल हजारों की संख्या में मंदिर के दर्शन के लिए श्रद्धालु आते हैं | बिनसर महादेव मंदिर का भव्य व सुंदर मंदिर निर्माण व प्रतिवर्ष विशाल भंडारे का सफल आयोजन भी बाबा मोहनगिरी महाराज के द्वारा किया जाता था |

Chaubatia Garden !!

चौबटिया गार्डन उत्तराखण्ड राज्य के अल्मोड़ा ज़िले के प्रसिद्ध पहाड़ी पर्यटन स्थल रानीखेत में स्थित है। रानीखेत से 10 किलोमीटर दूर इस स्थान पर एशिया का सबसे बड़ा फलों का बगीचा हैं। यहां दर्जनों तरह के फलों के पेड़ हैं, जिन्हें देखकर पर्यटक गदगद हो उठते हैं । यहां पर फलों और फूलों की 200 विभिन्न प्रजातियों के हरे-भरे बाग हैं। इन बागों में स्वादिष्ट सेब, आड़ू, प्लम और खुबानी का उत्पादन होता है। सिल्वर ओक, रोडोडेंड्रन, साइप्रस, सीडार और पाइन के जंगलों से घिरी हुई यह जगह मनोरम दृश्य प्रस्तुत करती है। सरकारी एप्पल गार्डन और फलों का अनुसंधान केंद्र इसके पास ही स्थित हैं एवम् यह स्थान मुख्य रूप से फलोद्यान, बग़ीचों और सरकारी फल अनुसंधान केन्द्र के रूप में प्रसिद्ध है । यह जगह एक प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट भी है | इस गार्डन में 36 किस्म के सेब उगाए जाते हैं जिनमें चार किस्मों का निर्यात भी किया जाता है।

Golf Course , Ranikhet !!

कुमाऊं रेजीमेंट गोल्फ कोर्स अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है । चीड के वृक्षो से घिरा यह सुंदर गोल्फ मैदान रानीखेत से 5 किलोमीटर की दूरी पर रानी खेत अल्मोडा मार्ग पर स्थित है । बाहरी लोगों के लिए सदस्यता की योजना प्रदान करते हुए भी , यह भारत में 9 गड्ढों की विशेषता वाला दूसरा सबसे बड़ा गोल्फ कोर्स है। सुंदर हरी व मखमली घास ओढे यह गोल्फ मैदान देशी पर्यटको के साथ साथ विदेशी पर्यटको को भी आकर्षित करता है। यहा गोल्फ के खिडालियो के लिए एक विश्राम गृह भी है । जो सभी प्रकार की सुख सुविधाओ से परिपूर्ण है । यदि आप अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र में आये तो गोल्फ कोर्स में आकर गोल्फ खेल का आनंद जरुर ले | यह स्थान पर्यटकों एवम् स्थानीय लोगों को अत्य्ताधिक आकर्षित करता है |




Dwarahat !!

द्वाराहाट अथवा द्वारहाट , रानीखेत तहसील , अल्मोड़ा जिला , उत्तराखंड का एक प्राचीन स्थान है | यह स्थान रानीखेत से 13 मील (लगभग 20.8 कि.मी.) की दुरी पर स्थित है | द्वाराहाट में तीन वर्ग के मंदिर है – कचहरी , मनिया तथा रत्नदेव | द्वाराहाट बद्रीनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थान केंद्र रहा है | इसकी सांस्कृतिक महत्व के कारण , द्वाराहाट को “उत्तरा द्वारका” (उत्तर द्वारका – भगवान कृष्ण के निवास) के रूप में भी जाना जाता है । पुरातात्विक रूप से , द्वाराहाट के 55 मंदिरों के समूह को 8 समूह में विभाजित किया जा सकता है | गुज्जर देव , कछारी देवल , मांडवे , रतन देवल , मृत्युंजय , बद्रीनाथ और केदारनाथ | इन मंदिरों का निर्माण 10 से 12 सदी के बीच किया गया था | यह जगह पुराने जमाने में कत्युरी साम्राज्य की राजधानी थी।

Maa Kalika Temple !!

माँ कलिका मंदिर उत्तराखण्ड राज्य के अल्मोड़ा ज़िले के प्रसिद्ध पहाड़ी पर्यटन स्थल रानीखेत क्षेत्र में स्थित है । घने वृक्षों के मध्य एक छोटी से पहाड़ी की चोटी पर स्थित यह एक प्रसिद्ध मंदिर है। प्रवेश द्वार पर ही कुछ दुकानदार अपनी अस्थाई दुकान लगाये हुए स्थानीय फल आडू, नख आदि बेचते हुए मिलते हैं। इस द्वार से माँ कालिका का मंदिर तक जाने के लिए सीढ़िया बनी हुई हैं। इन सीढ़ियों से घने वृक्षों के मध्य से होते हुए मंदिर पहुँचा जा सकता है । तेज हवा चलने के कारण सीढ़ियों के दोनो तरफ के पेड़-पौधे जोर-जोर से आवाज़ करते हैं तो बहुत ही अच्छा लगता है। रानीखेत से 6 किलोमीटर की दूरी पर गोल्फ़ का विशाल मैदान है जो इस मंदिर के समीप ही है। यदि आप अल्मोड़ा जिले के पर्यटन स्थल रानीखेत क्षेत्र में आते है तो कालिका मंदिर के दर्शन जरुर करे |

Haidakhan Temple !!

हेड़ाखान मंदिर उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध पहाड़ी पर्यटन स्थल रानीखेत के अंतर्गत ही आता हैं और रानीखेत के सड़क मार्ग से कुछ हटकर NH-87 मार्ग के पास ही हैं। यह सफ़ेद संगमरमर से निर्मित भव्य मंदिर है। रानीखेत से क़रीब चार या पांच किलोमीटर दूर हिमालय की सुरम्य वादियों में एक रमणीक पहाड़ी पर स्थित हैं । हिमालय से इस मंदिर नजारा बड़ा ही शानदार नजर आता हैं | समुद्र तल से इस मंदिर की ऊँचाई लगभग 1835 मीटर हैं । कहा जाता है कि इस मंदिर को कुमाऊँ के प्रसिद्ध संत बाबा हेड़ाखान ने स्थापित किया था । उन्होंने कई वर्षों तक इस स्थान पर ध्यान और तप किया था और स्थानीय लोगों द्वारा पूजे जाते थे । प्रतिवर्ष मंदिर में उनके विदेशी अनुयायियों की उपस्थिति दर्ज होती है । इतना ही नहीं बॉलीवुड की भी तमाम हस्तियां यहां दर्शन को प्रत्येक वर्ष पहुंचती हैं।

Bhalu Dam !!

भालू बांध अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र के चौबटिया के बगीचों से नीचे 3 किमी की दूरी पर स्थित एक छोटी सी झील है । इस स्थान से आकर्षक हिमालय पर्वतमाला के बर्फ से ढंके हुए पहाड़ों के उत्कृष्ट दृश्य देख सकते हैं। कोई भी इस खूबसूरत बांध के आसपास के क्षेत्र में स्थित उद्यान में आराम कर सकता है । यह बांध 1903 में ब्रिटिश सरकार द्वारा विकसित किया गया था । पूरे साल पर्यटकों के लिए खुला होने की वजह से यह जगह शिविर लगाने के लिए एक आदर्श स्थान है । भालू बांध लगभग 200 साल पहले ब्रिटिश वाइसराय ने सैनिकों के लिए पेयजल के स्रोत के रूप में बनाया था । कोथियान से 10 किमी की ड्राइव के बाद, झील Chaubatia Orchard से 3 किमी की दूरी पर है । हिमालयी पहाड़ों और शांत परिवेश के मनोरम दृश्य को बांध के पास एक सुंदर छोटे बगीचे द्वारा सराहना की जाती है। बांध स्थल पूरे साल पर्यटकों के लिए खुला है।





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