चंद्रबानी मंदिर का इतिहास एवं कहानी (Chandrabani Temple History,story in hindi )

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको “उत्तराखंड दर्शन” के इस पोस्ट देहरादून में स्थित “चंद्रबानी मंदिर Chandrabani Temple Dehradun” के इतिहास एवं रहस्य के बारे में बताने वाले हैं, यदि आप जानना चाहते हैं चंद्रबानी मंदिर Chandrabani Temple Dehradun” के बारे में तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े|





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चंद्रबानी मंदिर देहरादून Chandrabani Temple Dehradun

चंद्रबानी मंदिर उत्तराखंड राज्य की राजधानी देहरादून में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है जो देवी चंद्रबानी को समर्पित है। सुन्दर हरियाली व्  शिवालिक पहाड़ियों के बीच स्थित, मंदिर को स्थानीय रूप से गौतम कुंड के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि ऋषि गौतम आसपास के इलाके में रहते थे।

मंदिर देहरादून रेलवे स्टेशन से केवल 8 किमी दूर स्थित है और देहरादून में भक्तों और पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय तीर्थ स्थल है।

गौतम कुंड के कारण चंद्रबानी मंदिर धार्मिक एवं पवित्र स्थल माना जाता है। प्रत्येक वर्ष यहाँ भक्तों का तांता लगा रहता है और यहाँ आकार भक्त इस पवित्र कुंड में स्नान करते हैं।




पौराणिक कथाओ के अनुसार –

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्रबानी के पास का क्षेत्र महर्षि गौतम और उनकी बेटी अंजनी का पवित्र निवास स्थान था। स्थानीय लोगों द्वारा उनकी पूजा की जाती थी। बहुत से लोग यह भी मानते हैं कि चंद्रबानी वह जगह है जहां स्वर्ग की बेटी ‘गंगा’  सबसे पहले आई थी , जिसे अब गौतम कुंड के नाम से जाना जाता है।

क्यों मनाया जाता हैं चंद्रबानी मंदिर में मेला –

चन्द्रबनी मंदिर में  13 अप्रैल को महाऋषि गौतम द्वारा मां गंगा का अवतरण किया गया था । इसी उपलक्ष मे यहां प्रति वर्ष भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। गौतम ऋषि द्वारा इस स्थान पर घोर तपस्या की गयी। अंजना  माता का निवास स्थान भी इसी स्थान को माना जाता है। उन्होंने बताया कि हनुमान जी की जन्म भूमि भी इस स्थान को माना जाता है। शिव के द्वारा ब्रहमा बिष्णु इन्द्र बाल खिल्ली ऋषि आदि के साथ इस स्थान पर यज्ञ के द्वारा गरूड की उत्पत्ति भी इसी स्थान पर मानी जाती है तथा भगवान शिव द्वारा अमृत कलश को यज्ञ द्वारा इसी स्थान पर प्रकट किया गया था । भगवान शिव के आदेश से गरूड अमृत कलश लेकर हिमालय गये थे ।
यह स्थान धर्म ग्रन्थों में वर्णित अति उत्तम मन वांछित फल देने वाला है। कहा जाता हैं कि गौतम गंगा के जल को लेकर जो व्यक्ति सवा महीने तक लगातार शिव को चढ़ाता है। उसके सभी कष्ट दूर होकर मनोंकामनाएं पूर्ण होती है।

यहाँ तक कैसे पहुचे How To Reach?






देहरादून के विचित्र परिवेश में घिरा हुआ चंद्रबानी मंदिर तक  आसानी से जा सकते है।

हवाई जहाज– निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट देहरादून में हैं यहाँ से चंद्रबानी मंदिर की दूरी लगभग 33 किलोमीटर हैं यहाँ से आप टैक्सी से आसानी से जा सकते हैं|

ट्रेन- निकटतम रेलवे स्टेशन देहरादून रेलवे स्टेशन हैं यहाँ से चंद्रबानी मंदिर की दूरी लगभग 8 किलोमीटर हैं|

GOOGLE MAP OF CHANDRABANI TEMPLE DEHRADUN






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