Gauchar Mela District Chamoli (Uttarakhand) गौचर मेला जिला चमोली उत्तराखंड-

नमस्कार दोस्तों आज हम आपकों उत्तराखंड दर्शन के इस पोस्ट मेंउत्तराखंड में होने वाला  प्रसिद्ध मेला” (Gauchar mela) गौचर मेला  (चमोली जिला) के बारे में बताने जा रहे है। यदि आप गौचर मेले के बारे में जानना चाहते है। तो इस पोस्ट को अन्त तक जरूर पढ़े!





 History of Gauchar Mela  गौचर मेले का इतिहास –

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उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में लगने वाला सुप्रसिद्ध मेला, गौचर मेला,समुद्रसतह से 800 मीटर ऊंचाई पर स्थित है।

उत्तराखंड, मेलों  संस्कृति और विचारों का  मिलन स्थल माना जाता  है। यहां के प्रसिद्ध मेलों में से एक अनूठा मेला गौचर मेला है।

यह मेला पिथौरागढ़ व चमोली जिले में भोटिया जनजाति के लोगों द्वारा आयोजित किया गया है।

गौचर अपने ऐतिहासिक व्यापार मेले के रूप में जाना जाता है। जो उत्तराखंड के समतल भूमि का सबसे बड़ा क्षेत्र है। जिसमें भविष्य में हवाई अड्डा बनने की संभावना है।

गढ़वाल के तत्कालीन डिप्टी  कमिश्नर के सुझाव, पर माह नवम्बर, 1943 में प्रथम बार गौचर में व्यापारिक मेले का आयोजन शुरू हुआ। तथा बाद में धीरे-धीरे इसने, औद्योगिक विकास मेले एवं सांस्कृतिक मेले का स्वरूप धारण कर लिया।  गौचर मेले का आयोजन भारत के प्रथम प्रधान मंत्री पं0 जवाहर लाल नेहरू के जन्म दिन के अवसर पर 14 नवम्बर को होता है।

 About Gauchar Mela  गौचर मेले बारे में-

भारत -तिब्बत चीन व्यापार को बढ़ाने के लिए 1943 में इस मेले की स्थापना हुई थी। 1962 में भारत तथा चीन के बीच युद्ध के बाद से चार सालों तक यह मेला बन्द रहा। फिर उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर फिर से यह मेला शुरू हुआ ।





गौचर मेला उत्तराखंड में लगने वाले मेलों में से एक प्रसिद्ध  मेला है। गौचर बद्रीनाथ मंदिर के रास्ते पर एक छोटा सा शहर है। गौचर के आस पास मंदिरो के अलावा यहां पर्यटक स्थल भी है। जैसे रूद्रप्रयाग,कर्णप्रयाग,हरियाली देवी मंदिर आदि।

गौचर 20-30 साल पहले भी छोटी सी बस्ती हुआ करती थी। दूर-दूर तक फैले समतल खेत  इसे सुन्दर एवं आकर्षण बनाते है। गौचर प्रकृति की गोद में बसा एक वाणिज्यिक एवं सुंदर जगह है।

गौचर जाते समय रास्ते में जगह जगह कुछ प्रसिद्ध मंदिर भी आते है। राउल देवता मंदिर, भैरवनाथ मंदिर, माता काली मंदिर, पानेश्वर शिवालय आदि |

गौचर मेले में आयोजित कार्यक्रम –

यह मेला संस्कृति, बाजार तथा उद्योग तीनों के समन्वय के कारण पूरे उत्तराखंड में लोकप्रिय बन चुका है। मेले कई प्रकार के दुकाने लगाई जाती है। साथ ही मेले में वहां के लोंग, हाथ से बनायें ऊंनी स्वेटर तथा कई प्रकार के वस्त्र भी बेचते है।

गौचर मेले में मनोरंजन, संस्कृति के आधार पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया है। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को प्रत्येक वर्ष पर्यटन विभाग, उत्तराखंड द्वारा धनराशि उपलब्ध कराई जाती है।

How to reach Gauchar mela  गौचर मेले  तक कैसे पहुंचे ?

यहा पहुचने के लिए अनेक साधन है।

हवाई अड्डा-

गौचर  तक पहुचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर हवाई अड्डा है। एअरपोर्ट से गौचर की दूरी लगभग 251 किलोमीटर है। यहां आप टैक्सी अथवा कार द्वारा आसानी से पहुच सकते है।

दूसरा गौचर  के लिए जॉलीग्राण्ट एअरपोर्ट से भी पहुंच सकते है यह देहरादून में स्थित जहां से गौचर लगभग 221 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां से आप टैक्सी अथवा कार द्वारा गौचर तक आसानी से  पहुंच सकते है।





ट्रेन .

यहां तक पहुचने के लिए आप ट्रेन से भी जा सकते है। रेवले स्टेशन काठगोदाम है, यहां से गौचर  लगभग 217 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है। यहां से आप टैक्सी अथवा कार से आसानी से जा सकतें है।

GOOGLE MAP OF GAUCHAR DISTRICT  CHAMOLI


उम्मीद करते आपकों गौचर मेले के बारे में जानकारी मिल गयी होगी !

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