‘गोपेश्वर महादेव मंदिर’ कंडा बागेश्वर ‘Gopeshwar Mahadev’ Temple (kanda, Bageshwar)

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको “उत्तराखंड दर्शन” के इस पोस्ट में “गोपेश्वर महादेव मंदिर Gopeshwar Mahadev Temple” के बारे में बताने वाले हैं यदि आप जानना चाहते हैं “गोपेश्वर महादेव मंदिर Gopeshwar Mahadev Temple” के बारे में तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े|





gopeshwar-mahadev

गोपेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास History Of Gopeshwar Mahadev Temple

उत्तराखंड राज्य,  बागेश्वर जिले के धपोलासेरा में भद्रवती नदी के तट पर स्थित गोपेश्वर महादेव मंदिर हैं| यहाँ महाशिवरात्रि पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता हैं। दूर-दूर के गांवों से भक्त मंदिर में आते हैं। सुबह से ही जलाभिषेक को लोगों की लंबी लाइन लगी। पूरे दिन मंदिर में पूजा अर्चना चलती रही।

गोपेश्वर महादेव क्षेत्र का एकमात्र शिव मंदिर है। यहां पर भगवान शिव की शिवरात्रि पर विशेष पूजा की जाती है। मंदिर के पुजारी रावल लोग हैं। स्थानीय लोगो का कहना हैं कि मंदिर की स्थापना द्वापर युग से हुई है। वहा के लोगो का कहना हैं कि यहां पर शिव लिंग की उत्पत्ति स्वयं हुई है। जिसकी गहराई भद्रवती नदी तक है। इस शिवलिंग में जल अर्पण करने पर वह बाहर नहीं दिखाई देता है। कहते हैं कि पानी शिवलिंग से होकर नदी में समा जाता है। उन्होंने बताया कि जब क्षेत्र में बारिश नहीं होती तो इस मंदिर में सहस्त्र घट पानी चढ़ाया जाता है। इसके बाद लोगों की मन्नत पूरी हो जाती है।





गोपेश्वर महादेव मंदिर की मान्यताए Gopeshwar Mahadev Temple

बागेश्वर। कांडा के धपोला सेरा स्थित गोपेश्वर महादेव मंदिर के साथ कई मान्यताएं जुड़ी हैं। किवदंती के अनुसार श्रीकृष्ण की गोपियों ने भगवान शिव के दर्शन होने के बाद इस मंदिर का निर्माण किया था। मंदिर को रात के वक्त बनाया गया था।लोक मान्यता के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण गोपियों के साथ यहां आए थे। इस दौरान भगवान शिव ने गोपियों को दर्शन दिए और गोपियों ने ही रातों रात इस मंदिर का निर्माण किया। लोगों का मानना है कि गर्मियों में बारिश नहीं होने और सूखा पड़ने पर इस मंदिर में जलाभिषेक किया जाए तो बारिश हो जाती है। इसी कारण क्षेत्र के लोग यहां शिवलिंग पर ग्यारह लोटा अथवा ग्यारह गागर जल चढ़ाते हैं। धारणा यह भी है कि अथाह जल चढ़ाने पर भी शिवलिंग जलमग्न नहीं होता। शिवलिंग की गहराई में ही पूरा जल समा जाता है।




यहाँ तक कैसे पहुंचे? How To Reach?

हवाई अड्डा – निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर हवाई अड्डा हैं यहाँ से कांडा ( बागेश्वर) धपोलासेरा की दूरी लगभग 216 किलोमीटर हैं यहाँ से आप आसानी से टैक्सी अथवा बस से जा सकते हैं|

ट्रेन- निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम रेलवे स्टेशन हैं यहाँ से कांडा (बागेश्वर) धपोलासेरा की दूरी लगभग 182 किलोमीटर हैं यहाँ से आप आसानी से टैक्सी अथवा कार से जा सकते हैं |

सड़क से – यहाँ तक पहुचने के दो रास्ते हैं एक बागेश्वर से कांडा होते हुए धपोला सेरा तक गाड़ी का रास्ता हैं| बागेश्वर से कांडा की दूरी लगभग 17 किलोमीटर हैं| कांडा से धपोलासेरा की दूरी लगभग 44 किलोमीटर हैं| दूसरा विजयपुर से धपोलासेरा लगभग 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय करनी पढ़ती हैं|





Google Map Of Kanda Bageshwar






उमीद करते हैं आपको यह पोस्ट पसंद आया होगा| अगर आपको यह पोस्ट पसंद आये तो इसे like तथा नीचे दिए बटनों द्वारा share जरुर करें|