Harishtal – An Unexplored and Untouched Lake (नैनीताल जिला , हरिश्ताल) !!

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको उत्तराखंड दर्शन की इस पोस्ट में उत्तराखंड राज्य के नैनीताल जिले के भीमताल क्षेत्र में स्थित “हरीश ताल” OR “Harishtal – An Unexplored and Untouched Lake (नैनीताल जिला , हरिश्ताल) !! ” के  बारे में पूरी जानकारी देने वाले है | यदि आप नैनीताल जिले के भीमताल क्षेत्र में स्थित “हरिश्ताल” के बारे में पूरी जानकारी जानना चाहते है , तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े |

Harishtal – An Unexplored and Untouched Lake !!

हरिश्ताल उत्तराखंड भीमताल क्षेत्र  (जिला नैनीताल ) के ओखलकाण्डा ब्लाक जनपद नैनीताल में स्थित हैं। यह काठगोदाम से लगभग 50 किमी की दूरी पर स्थित है। रास्ता खराब होने के कारण यहां अभी ज्यादा लोगो का आना जाना नही है। यहां जाने वाला सड़क मार्ग अभी कच्चा है । हरिश्ताल के बीच में टापू हैं जिसमें प्राथमिक विद्यालय विकासखण्ड ओखलकाण्डा जिला– नैनीताल (उत्तराखंड)) खोला गया है। जिसकी स्थापना 1950 में हुई है । ओखलकाण्डा ब्लाक में लोहाखाम मन्दिर भी है। माना जाता है कि इसकि उत्पत्ति लोहे से होने के कारण इसका नाम लोहाखाम पड़ा लोगों की लोहाखाम बाबा में बहुत आस्ता और मान्यता है। ओखलकाण्डा ब्लाक में एक और झील लोहाखाम झील भी है। इसकी मान्यता हरिद्वार के कुण्ड की तरह बतायी जाती है| जो लोग हरिद्वार में गंगा स्नान नहीं कर पाते वो इस ताल में स्नान करते है, इसकी मान्यता उसी के समान है। इस ताल की गहरायी बहुत अधिक है। नैनीताल तालों का शहर माना जाता है, इनमें से एक ताल हरीशताल भी है। यह ताल चारों तरफ से पहाडों से घिरा हुआ है जिसकी सुन्दरता देखते ही बनती है। प्रकृति की गोद में बसा यह ताल बहुत ही मनमोहक है। यहां पहुँचने के लिए रास्ता बना तो है पर उसका अभी डामरीकरण नहीं हुआ है। परन्तु आप वहां अपने वाहन से जा सकते हैं।

हरिश्ताल का सुन्दर दृश्य:-

हरिश्ताल का सुन्दर दृश्य देखने लायक है। ताल का पानी तथा हरे-भरे पेंड़ मन को शूकून प्रदान करते है। हरिश्ताल की सुन्दरता को और अधिक बढ़ाते है यहा के गांव वासियों के घर, जो अभी भी समतल पत्थरों की छत वाले हैं। यहाँ पर आप शहर के कौतुहल से दूर प्रकृति के सौंदर्यं का अनुभव कर सकते है। ताल का पानी और ठंडी-ठंडी बहती हवा एक नयी स्फूर्ति प्रदान करती हैं।

हरिश्ताल तक पहुँचने का रास्ता:-

काठगोदाम तक आप बस अथवा ट्रेन से पहुँच सकते है। उसके आगे आप कोई टैक्सी अथवा बाइक लेके हेड़ाखान वाले रास्तें से होते हुए हरिश्ताल तक पहुँच सकते है। यह कठगोदाम से लगभग 50 किमी दूरी पर स्थित है।