जानिए कानाताल का इतिहास  History Of  Kanatal Tihri Garhwal  

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको “उत्तराखंड दर्शन” के इस पोस्ट में “टिहरी गढ़वाल में स्थित कानाताल के इतिहास” (History Of Kanatal) के बारे में बताने वाले हैं| यदि आप जानना चाहते है, “टिहरी गढ़वाल में स्थित कानाताल” (History Of Kanatal)  के बारे में तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े|





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जानिए कानाताल का इतिहास History Of Kanatal Tihri Garhwal –

उत्तराखंड राज्य के टिहरी गढ़वाल जिले में चंबा – मसूरी हाइवे पर स्थित कानाताल एक छोटा सा गांव है यह सुंदर गांव समुद्रतल से 8500 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह एक प्रसिद्ध सैरगाह है। हरा भरा वातावरण, बर्फ से ढके सुन्दर पहाड़ो के दृश्य दिखाई देता है। कनताल भारत के उत्तराखंड राज्य में एक छोटा सा गांव है। कानताल देहरादून (राज्य उत्तराखंड की राजधानी) से 78 किमी, मसूरी से 38 किमी और चंबा से 12 किमी दूर है। यह चंबा-मसूरी सड़क पर और लगभग 300 किमी दूर है, कुछ दशकों पहले कानाताल के नाम से एक झील थी अब यह सूख गया है | कानाताल  का  शाब्दिक अर्थ हिंदी में “एक आंखों वाली झील” है।





यहां का तापमान गर्मियों के दौरान 10-20 डिग्री सेल्सियस और सर्दियों के दौरान 5-10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। स्थान सर्दियों में भारी बर्फ से ढकी  सड़कों का  सुंदर दृश्य दिखाई देता  है। इस स्थान का नाम कानताल, कानाताल  झील के नाम पर पड़ा जो कई वर्ष पूर्व अस्तित्व में थी परन्तु इस झील का नामो निशान नहीं हैं| कानाताल अनेकों आकर्षणों में से एक हैं कनताल आसपास के इलाके में हरे-भरे जंगलों में ट्रेकिंग और लंबी पैदल यात्रा के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करता है। कनताल में पर्यटकों के लिए कुछ रिसॉर्ट्स भी बनाये गए हैं|

LOCAL SITE SEEING KANATAL  (स्थानीय दर्शनीय स्थलों की यात्रा)





सुरकंडा देवी मंदिर Surknda Temple 

सुरकंडा देवी मंदिर प्रमुख हिन्दू मंदिर है , जो कि उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जनपद में जौनुपर के सुरकुट पर्वत पर स्थित है एवम् यह मंदिर धनोल्टी और कानाताल के बीच स्थित है । चंबा- मसूरी रोड पर कद्दूखाल कस्बे से डेढ़ किमी पैदल चढ़ाई चढ़ कर सुरकंडा माता मंदिरपहुंचा जाता है । सुरकंडा देवी मंदिर समुद्रतल से करीब तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर बना है । यह मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है , जो कि नौ देवी के रूपों में से एक है । सुरकंडा देवी मंदिर 51 शक्ति पीठ में से है । सुरकंडा देवी मंदिर में देवी काली की प्रतिमा स्थापित है । सुरकंडा देवी के मंदिर का उल्लेख केदारखंड और स्कन्दपुराण में भी मिलता है | सुरकंडा देवी मंदिरठीक पहाड़ की चोटी पर है | सुरकंडा देवी मंदिर घने जंगलों से घिरा हुआ है और इस स्थान से उत्तर दिशा में हिमालय का सुन्दर दृश्य दिखाई देता है।





चंबा टिहरी गढ़वाल  –

चम्बा मंसूरी से 60 किलोमीटर और नरेन्द्र नगर से 48 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। चंबा  समुद्र तल से 1676 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां से बर्फ से ढके हिमालय पर्वत और भागीरथी घाटी का खुबसूरत नजारा देखा जा सकता है। चम्बा अपने स्वादिष्ट सेबों के लिए भी प्रसिद्ध है। यह स्थान देवप्रयाग से 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। चंद्रबदनी पहुचने के लिए आपको देवप्रयाग से जामनी खाल होते हुए नैखरि एवं जुराना बैन्ड तक गाड़ी में जाना होगा। यह एक रमनीक स्थल भी है, उत्तराखंड में माता के तीन सिद्धपीठ शुरकन्डा, कुन्जापुरि एवं चन्द्रबदनी है, जिनके दर्शन आप उपरोक्त तीनों में से किसी एक मंदिर में खडे होकर कर सकते हैं|




धनौल्टी टिहरी गढ़वाल –

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में समुद्र तल से 2286 मीटर की उंचाई पर स्थित, धनौल्टी नाम का एक बेहद सुन्दर हिल स्टेशन है । अपने शांत और सुरम्य वातावरण के लिए जानी जाने वाली यह जगहचंबा से मसूरी के रास्ते में पड़ती है।





यह जगह पर्यटकों के बीच इसलिए भी मशहूर है क्योंकि यह मसूरी से काफी पास है, बल्कि सिर्फ 24 किलोमीटर दूर है। यहाँ से पर्यटक दून वैली के सुन्दर नज़ारे का मज़ा उठा सकते हैं ।

यहाँ तक कैसे पहुचे How To Reach?

यहाँ तक आप आसानी से पहुच सकते हैं |

हवाई जहाज – निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है, यहाँ से कानाताल की दूरी 90 किलोमीटर है| यहाँ से आप टैक्सी अथवा कार से आसानी से जा सकते हैं |

ट्रेन – निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश हैं, यहाँ से कानाताल की दूरी 80 किलोमीटर हैं| यहाँ से आप टैक्सी से आसानी से जा सकते हैं |

KANATAL TIHRI GARHWAL IN 360 DEGREE 





KANATAL TIHRI GARHWAL UTTARAKHAND

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