जानिए धारचूला पिथौरागढ़ का इतिहास History Of Dharchula Pithoragarh-

नमस्कार दोस्त आज हम आपको “उत्तराखंड दर्शन” के इस पोस्ट में धारचूला पिथौरागढ़(Dharchula Pithoragarh)  के बारे में बताने वाले हैं यदि आप जानना चाहते हैं धारचूला पिथौरागढ़(Dharchula Pithoragarh) के बारे में तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े|





dharchula

धारचूला पिथौरागढ़ के बारे में About Dharchula Pithoragarh-

धारचूला उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले में स्थित एक छोटा सा शहर और एक नगर पंचायत है।    मध्यकालीन काल से धारचूला ट्रांस-हिमालयी व्यापार मार्गों के लिए एक प्रमुख व्यापार का केंद्र था। समुद्र तल से 915 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, धारचुला हिमालयी चोटियों से घिरा हुआ है। धारचुला के पश्चिम में स्थित बर्फबारी पंचचुली शिखर जौहर घाटी से अलग है। पहाड़ी स्टेशन का नाम ‘धार’ और ‘चुला’ से मिलता है; धार का मतलब है चोटी और चुला का मतलब हिंदी में स्टोव है। यह नाम धराचुला को दिया गया था क्योंकि यह स्टोव जैसा दिखता है।






यह काली नदी के किनारे घाटी में स्थित है। यह शहर एक पहाड़ी क्षेत्र है जिसका आकार स्‍टोव के जैसा दिखता है इसी कारण इस शहर को धारचूला कहते हैं। यह शहर पिथौरागढ़ से 90 किमी. की दूरी पर स्थित है जो पहाड़ों से घिरा हुआ है। अगर आप पर्यटन की दृष्टि से इस शहर को देखें तो मानस झील या मनासा सरोवर इस शहर का सबसे प्रमुख पर्यटक आकर्षण हैं। मानसरोवर एक ताजे और मीठे पानी की झील है जो चीन के तिब्‍बत स्‍वायत्‍त क्षेत्र में स्थित है।

धारचूला का इतिहास  History of Dharchula Pithoragarh-






पिथौरागढ़ का इतिहास, धारचुला कात्युरी वंश से संबंधित है। धारचुला ट्रांस-हिमालयी व्यापार मार्गों पर एक प्राचीन व्यापारिक शहर था। धारचूला के निवासियों के लिए आय का एकमात्र स्रोत था। कार्पेट जैसे स्थानीय हस्तशिल्प जिन्हें ‘दान’ के रूप में जाना जाता है, वो तिब्बतियों के साथ भोजन और कपड़ों का व्यापार करते थे। धारचुला ट्रांस-हिमालयी व्यापार मार्गों पर एक प्राचीन व्यापारिक शहर था। व्यापार बॉर्डर  पर आधारित था और धारचूला के निवासियों के लिए आय का एकमात्र स्रोत था 1 9 62 में भारत-चीन युद्ध के बाद, तिब्बतियों के साथ सभी व्यापार संबंध बंद हो गए थे, जिसने धारचुला के लोगों को असंख्य कठिनाइयों का सामना करना पढ़ा। जल्द ही स्थानीय लोग खेती, छोटे व्यवसाय और मवेशी खेती में लगे। सरकारी हस्तक्षेप के साथ, शहर में अच्छी पर्यटन सुविधाएं विकसित हुई हैं  इसके अलावा पर्यटक यहां काली नदी में राफ्टिंग का मजा भी ले सकते हैं। तो आइये जानें कि यदि आप धारचूला में हों तो वहां आपको क्या क्या अवश्य देखना चाहिए।

धारचूला में स्थित पर्यटन स्थल –





काली नदी –

काली नदी, कालापानी के ग्रेटर हिमालय से निकलती हैं काली नदी समुद्रतल से लगभग

3600 मीटर की उचाई पर स्थित हैं| काली नदी भारत और नेपाल के बीच प्राकृतिक बॉर्डर का काम करती हैं| यह नदी भारत के दो राज्यों उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश की सीमा पर भी बहती हैं उत्तरप्रदेश में इस नदी का नाम शारदा नदी हैं काली नदी जौलजेबी में गोरी गंगा नदी से मिलने के बाद गंगा नदी में समा जाती हैं|

नारायण आश्रम –

नारायण आश्रम पिथौरागढ़ जिले में स्थित एक प्रसिद्ध एवम् लोकप्रिय धार्मिक स्थान हैं , जो कि समुन्द्र ताल से लगभग 2734 फीट की ऊँचाई पर सोसा नामक क्षेत्र में स्थित हैं | नारायण आश्रम पिथौरागढ़ शहर से 116 किलीमीटर की दुरी पर स्थित हैं | इस आश्रम को स्थानीय तौर पर बंगबा या “चौदास भी कहा जाता है | इस आश्रम को 1936 में एक साधू एवम् सामाजिक कार्यकर्ता नारायण स्वामी के द्वारा स्थापित किया गया | नारायण आश्रम के लिए जमीन “सोसा के स्वर्गीय कुशाल सिंह हयांकी ने स्वामी जी को दे दी थी और सोसा के लोगो से आसपास के कुछ भूखंडो को ख़रीदा गया था | इस आश्रम से कुछ ही दुरी पर तवाघाट नाम स्थान पर धौलीगंगा और कालीगंगा नदी का संगम होता है | नारायण आश्रम की मुख्य इमारत के अन्दर एक मंदिर है , जो कि तीर्थयात्रियों या आगुन्तको को श्रधांजलि अर्पित करने के लिए है |





 ॐ पर्वत –

ओम पर्वत, 6191 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय पर्वत श्रृंखला के पहाड़ों में से एक है।

पृथ्वी पर आठ पर्वतों पर  प्राकृतिक रूप से ॐ अंकित हैं जिनमे से एक को ही खोजा गया हैं और वह यही ॐ पर्वत हैं इस पर्वत पर बर्फ इस तरह पड़ती हैं की ओम का आकार ले लेती हैं आदि कैलाश यात्रियों को पहले गूंजी पहुचना पड़ता हैं | यहाँ से वे ॐ पर्वत के दर्शन करने जाते हैं | उसके बाद वापस गूंजी आकर, आदि कैलाश की ओर प्रस्थान करते हैं| ॐ पर्वत की इस यात्रा के दौरान हिमालय के बहुत से प्रसिद्ध शिखरों के दर्शन होते हैं |

यहाँ तक कैसे पहुचे  How To Reach?






यहाँ तक आप आसानी से पहूँच सकते हैं

हवाई जहाज –

निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर हवाई अड्डा हैं यहाँ से धारचूला की दूरी 305 किलोमीटर है| यहाँ से आप कार अथवा टैक्सी से आसानी से जा सकते हैं|

ट्रेन –

निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम रेलवे स्टेशन है यहाँ से धारचूला की दूरी लगभग 287  किलोमीटर हैं| यहाँ से आप कार अथवा टैक्सी से आसानी से जा सकते हैं|

 GOOGLE MAP OF DHARCHULA PITHORAGARH





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