History of Mukteshwer (मुक्तेश्वर का इतिहास )

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको उत्तराखंड दर्शन की इस पोस्ट में उत्तराखंड राज्य के नैनीताल जिले में स्थित क्षेत्र “मुक्तेश्वर के इतिहास” के बारे में जानकारी देने वाले है इसलिए इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े |



History of Mukteshwer (मुक्तेश्वर का इतिहास)

History of Mukteshwer in Hindi“मुक्तेश्वर” उत्तराखंड राज्य के नैनीताल जिले में स्थित एक ग्राम पंचायत है । यह समुन्द्र सतह से 2286 मीटर (7500 फीट) की ऊँचाई पर स्थित है | अंग्रेजी दौर में बने खूबसूरत हिल स्टेशन मुक्तेश्वर को “मुक्ति के ईश्वर” , संसार की बुरी शक्तियों के संहारक “भगवान शिव का घर” कहा जाता है | मुक्तेश्वर में भगवान शिव का 10 वी सदी पूर्व कत्युरी राजाओं द्वारा अविश्वसनीय-सा केवल एक रात्री में बनाया गया भव्य “मुक्तेश्वर महादेव मंदिर” स्थित है | मुक्तेश्वर के बारे में कहते है कि मुक्तेश्वर मंदिर के नीचे  स्थित लाल गुफा वर्तमान समय में भी मौजूद है | मुक्तेश्वर देवदार, बंज, खारसु, तिलोंज, कफल, पाइन, यूटीस और मेहल के सुंदर और घने आरक्षित वनों से घिरा है। इन पेड़ों के अलावा जंगली फल , जामुन (किलमोरा, गहिंदरी और हर्षु) भी यहाँ मौजूद है | सर्दियों में बर्फ से ढके मुक्तेश्वर धाम में बिलकुल कैलाश पर्वत की तरह अनुभव होता है | (मुक्तेश्वर का इतिहास)

और यदि आप मुक्तेश्वर में स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर के बारे में पूर्ण जानकारी जानना चाहते है तो निचे दिए गए लिंक में क्लिक कर जरुर पढ़े :-

Originate of Mukteshwer (मुक्तेश्वर की उत्पत्ति)





मुक्तेश्वर का नाम 350 साल पुराने शिव मंदिर के द्वारा मिला है | मुक्तेश्वर का नाम दो संस्कृत शब्द से निकला है “मुक्ति और ईश्वर से” ‘मुक्ति’ का मतलब “शाश्वत जीवन” और ‘ईश्वर’ भगवान के लिए है और मुक्तेश्वर के बारे में एक प्राचीन कथा में जिक्र है , जिसमें शिव के साथ एक राक्षस का युद्ध होता है, हालांकि दानव पराजित हो जाता है, वह अमरता प्राप्त करता है।

स्थानीय विश्वास और लोककथाओं के अनुसार पांडवों के साथ ही हिंदू देवताओं के देवता ने उनकी मौजूदगी के साथ मुक्तेश्वर के दर्शन किये है। (मुक्तेश्वर का इतिहास)

मुक्तेश्वर एक संत का निवास है – श्री मुक्तेश्वर महाराज जी  , जो शीर्ष कुटीर मंदिर में रहते थे | उस जगह पर उनकी समाधी भी उपस्थित है | उनके एक शिष्य “स्वामी संधुधनंद जी “ अब उस स्थान में निवास करते है |  पूरा मंदिर तपोवन और ध्यान के लिए एक आदर्श स्थान है |

स्थानीय लोगो के अनुसार 15वी शताब्दी के दौरान तमिल साम्राज्य से पांडिया राजा के द्वारा मुक्तेश्वर मंदिर का निर्माण किया गया था |

उम्मीद करते है कि आपको “मुक्तेश्वर के इतिहास” के बारे में पढ़कर आनंद आया होगा |

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