जनिए शीतलाखेत हिल स्टेशन के बारे में? About Shitlakhe Hill Station  Almora Ranikhet 

नमस्कार दोस्तों “|उत्तराखंड दर्शन”में आज हम आपकों बताने वाले हैं प्रकृति की गोद में बसा एक प्रसिद्ध पहाड़ी हिल स्टेशन शीतलाखेत Shitlakhet Hill Station  के बारे में तो यदि आप जानना चाहते है। Shitlakhet Hill Station शीतला खेत हिल स्टेशन के बारे में तो इस पोस्ट को अन्त तक जरूर पढ़े।





shitlakhet

शीतलाखेत का इतिहास History of Shitlakhet –

उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा जिले में स्थित शीतलाखेत अपनी सुन्दर छवी बिखेरे हुए है। शीतलाखेत एक प्रसिद्ध पहाड़ी हिल स्टेशन है। शीतलाखेत की ऊंचाई समुद्रतल से लगभग 1900 मीटर है। यह रानीखेत से 24 किमी दूरी पर स्थित है। प्रकृति की छाव में बसा यह खूबसूरत हिलस्टेशन हैं।






शीतलाखेत अपने प्राकृतिक सौदर्य के लिए जाना जाता हैं। प्रकृति की गोद में बसा यह हिलस्टेशन पर्यटकों को अपनी ओर आर्कषित करता है। शीतलाखेत छोटा सा हिल स्टेशन है। परन्तु बेहद शान्त एवं सुखदायी है। यहां आप हिमालय की सुन्दर चोटियों का नजारा देख सकते है।

हर तरफ हरियाली जहां शान्ति का अनुभव देती है। वही दूसरी तरफ यहां के प्राचीन मंदिर हमारे इतिहास और आस्था से जोड़ती हैं। शहरी जीवन से ऊबे हुए लोंग अकसर शान्त वातावरण वाली जगह जाना पसन्द करते है। यह जगह उन लोगों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

शीतलाखेत में स्थित पर्यटक स्थल –

शीतलाखेत के साथ-साथ आप अन्य कई जगहों के दर्शन कर सकते है जैसे नौकुचियाताल, झूलादेवी मंदिर, चैबटिया, बिन्सर महादेव, सूर्य मंदिर अल्मोड़ा, गाल्फ ग्राउंड रानीखेत, दूनागिरी मंदिर,भालू डैम, आदि जगहें देखने को मिलेगें।

झुला देवी मंदिर

झूला देवी मंदिर-

 झुला देवी मंदिर  रानीखेत शहर से 7 km  की दुरी पर स्थित एक लोकप्रिय पवित्र एवम् धार्मिक मंदिर है | यह मंदिर माँ दुर्गा को समर्पित है एवम् इस मंदिर को झुला देवी के रूप में नामित किया गया है|स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर 700 वर्ष पुराना है | रानीखेत में स्थित झुला देवी मंदिर,  पहाड़ी स्टेशन पर एक आकर्षण का स्थान है|यह भारत के उत्तराखंड राज्य में अल्मोड़ा जिले के चैबटिया गार्डन के निकटए रानीखेत से 7 किमी की दूरी पर स्थित है । वर्तमान मंदिर परिसर 1935 में बनाया गया है | झुला देवी  को झुला देवी और घंटियों वाला मंदिर के रूप में भी जाना जाता है |





चौबटिया गार्डन-






चौबटिया गार्डन उत्तराखण्ड राज्य  अल्मोड़ा ज़िले के प्रसिद्ध पहाड़ी पर्यटन स्थल रानीखेत में स्थित है। रानीखेत से 10 किलोमीटर दूर इस स्थान पर एशिया का सबसे बड़ा फलों का बगीचा हैं। यहां दर्जनों तरह के फलों के पेड़ हैंए जिन्हें देखकर पर्यटक गदगद हो उठते हैं । यहां पर फलों और फूलों की 200 विभिन्न प्रजातियों के हरेण्भरे बाग हैं। इन बागों में स्वादिष्टए सेबए आड़ूए प्लम और खुबानी का उत्पादन होता है। सिल्वर ओकए रोडोडेंड्रनए साइप्रसए सीडार और पाइन के जंगलों से घिरी हुई यह जगह मनोरम दृश्य प्रस्तुत करती है। इस गार्डन में 36 किस्म के सेब उगाए जाते हैं जिनमें चार किस्मों का निर्यात भी किया जाता है।

history of Binsar Mahadev Temple in hindi

बिन्सर महादेव-





बिन्सर महादेव मंदिर रानीखेत  (उत्तराखंड) बिन्सर महादेव मंदिर, एक लोकप्रिय हिन्दू मंदिर हैं| यह रानीखेत से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भब्य एवं विशालकाय  मंदिर है| बिन्सर महादेव मंदिर समुद्र सतह से 2480 मीटर की ऊँचाई पर बने  हरे. भरे पेड़ो से घिरा  हुआ हैं| हिंदू भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर का निर्माण 10 वीं सदी में किया गया था| महेशमर्दिनी, हर गौरी और गणेश के रूप में हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों के साथ निहित, इस मंदिर की वास्तुकला शानदार है| बिनसर महादेव मंदिर क्षेत्र के लोगों का अपार श्रद्धा का केंद्र है। यह भगवान शिव और माता पार्वती की पावन स्थली मानी जाती है। प्राकृतिक रूप से भी यह स्थान बेहद खूबसूरत है । हर साल हजारों की संख्या में मंदिर के दर्शन के लिए श्रद्धालु आते हैं|

रानीखेत गोल्फ ग्राउंड-





गोल्फ ग्राउंड रानीखेत (उत्तराखंड) रानीखेत गोल्फ ग्राउंड गुलमर्ग के बाद एशिया का दूसरा बड़ा नैसर्गिक गोल्फ मैदान माना जाता हैं| चीड के वृक्षो से घिरा यह सुंदर गोल्फ मैदान रानीखेत से 5 किलोमीटर की दूरी पर रानीखेत अल्मोडा मार्ग पर स्थित है ।  सुंदर हरी व मखमली घास ओढे यह गोल्फ मैदान देशी पर्यटको के साथ साथ विदेशी पर्यटको को भी आकर्षित करता है। यहा गोल्फ के खिडालियो के लिए एक विश्राम गृह भी है । जो सभी प्रकार की सुख सुविधाओ से परिपूर्ण है । यदि आप अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र में आये तो गोल्फ कोर्स में आकर गोल्फ खेल का आनंद जरुर ले, यह स्थान पर्यटकों एवम् स्थानीय लोगों को आकर्षित करता है|

History-of-katarmal-Surya-T

कटारमल सूर्य मंदिर-





कटारमल रानीखेत (उत्तराखंड)   यह सूर्य मंदिर, सूर्य देव को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है । यह शुरुआती मध्ययुगीन काल में कत्युरी राजा श्कतर्मल्ला, के द्वारा बनाया गया था,  कुमाउं पर कत्युरी वंश का शासन था । पूर्व की ओर स्थित एक पहाड़ी क्षेत्र पर अल्मोड़ा के विपरीत दिशा में कटारमल सूर्य देवता का मंदिर है। कटारमल में सूर्य मंदिर की भक्ति को बुरादिता या वरद्धातिया प्राचीन सूर्य देवता, के रूप में जाना जाता है। सूर्य मंदिर अपनी शानदार वास्तुकला , कलात्मक रूप से बने पत्थर और धातुकर्म और खूबसूरती से बनाये गए नक्काशी के खंभे और लकडियो के दरवाजे के लिए प्रसिद्ध  है|

दूनागिरी मंदिर का इतिहास और मान्यताये

दूनागिरी मंदिर-

उत्तराखंड जिले में बहुत पौराणिक और सिद्ध शक्तिपीठ है| उन्ही शक्तिपीठ में से एक है द्रोणागिरी वैष्णवी शक्तिपीठ, वैष्णो देवी के बाद उत्तराखंड के कुमाऊं में दूनागिरी दूसरी वैष्णो शक्तिपीठ है| उत्तराखंड राज्य, अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट क्षेत्र से 15 km आगे माँ दूनागिरी माता का मंदिर अपार आस्था और श्रधा का केंद्र है |दुर्नागिरी रानीखेत (उत्तराखंड)





SHITLAKHET IN 360 DEGREE 






Shitlakhet Awesome View

GOOGLE MAP OF SHITLAKHET

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Beautiful Sun rise in sitlakhet Almora Uttarakhand