History , Tourist Place and Activities to do in Khirsu , Pauri Garhwal !! ( खिरसू )

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको उत्तराखंड दर्शन की इस पोस्ट में पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित लोकप्रिय पर्यटन स्थल “खिरसू” “History , Tourist Place and Activities to do in Khirsu , Pauri Garhwal !! ( खिरसू )” के बारे में पूरी जानकारी देने वाले है , यदि आप “खिरसू – पर्यटन स्थल पौड़ी गढ़वाल” के बारे में जानना चाहते है तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े |

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Khirsu – A Tourist Place in Pauri Garhwal !!

उत्तराखंड लंबे समय से अपने धार्मिक इतिहास के लिए जाना जाता है । खिरसू उन पर्यटन स्थलों में से एक है , जो की वर्तमान समय में एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन के रूप में प्रसिद्ध है | खिरसू उत्तराखंड राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है | यह एक रमणीक स्थल है । खिरसू असल में एक गांव है , जिसे उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पर्यटन स्थल का दर्जा दिया गया । खिरसू समुन्द्रतल से लगभग 1700 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है लेकिन यह स्थान Lansdowne की तुलना में ज्यादा ठंडा है क्योंकि पूरा गांव उच्च पहाड़ियों और घने जंगल (देवदार और ओक) से घिरा हुआ है | खिरसू हिल स्टेशन में ओक के पेड़, देवदार के पेड़ और सेब के बगीचे हैं | इस स्थान के एक कोने से दुसरे कोने तक देखने पर ऊँच पहाड़ी , घने जंगल और कई अन्य जगहों का आनंद ले सकते है | यह जगह पर्यटकों के बीच कभी भी बहुत लोकप्रिय नहीं रही थी , बल्कि समय के साथ-साथ और पर्यटकों द्वारा ठंडी, सुखद और प्रदूषण मुक्त वातावरण की तलाश के कारण यह जगह एक बहुत ही लोकप्रिय और प्रसिद्ध पहाड़ी स्थल के रूप में उभर कर सामने आई और वर्तमान में इस स्थान को प्रसिद्ध हिल स्टेशन के रूप में पहचान मिली | अब यह जगह उत्तराखंड में सबसे प्रतिष्ठित जगहों में से एक है |

1700 मीटर की ऊँचाई पर स्थित होने के कारण , खिरसू हिल-स्टेशन हिमालय के शानदार एवम् मनमोहक दृश्य प्रदान करता है | “घिदियाल” नामक देवता का प्राचीन मंदिर भी खिरसू के पास स्थित है | घिदियाल देवी का मंदिर सभी हिंदू भक्तों के लिए प्रसिद्ध स्थल है । प्रकृति का आनंद लेने के लिए खिरसू एक आदर्श हिल स्टेशन है | खिरसू हिल स्टेशन से पक्षी-पक्षियों की विभिन्न जाति के साथ-साथ विभिन्न हिमालयी फ्लोरा का आनंद ले सकते हैं । खिरसू से यदि ट्रैकिंग करनी है तो फिर काफी ऊंचाई पर स्थित फुरकंडा प्वाइंट है । यहां से खिरसू और आसपास के गांवों का विहंगम दृश्य दिखायी देता है । खिरसू हिल स्टेशन से हिमालय की लगभग 300 ज्ञात और अज्ञात चोटियों को निहार सकते हैं | यह जगह शहरी “कोलाहल अर्थात शोर गुल” से दूर एक शांतिप्रिय जगह है | यदि आप पौड़ी गढ़वाल आते है तो आप “खिरसू” हिल स्टेशन जाना ना भूले |

Tourist Places of Khirsu , Pauri Garhwal !!

 घंडियाल देवता मंदिर !! ( Ghandiyal Devta Temple )

यह एक प्राचीन मंदिर है , जो कि खिरसू से कुछ मील की दूरी पर स्थित है | यहां पर आप खिरसू की यात्रा के दौरान ” कंडोलीया मंदिर ” भी देख सकते हैं । यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और एक विशाल पार्क के बीच में स्थित है । इस मंदिर के दर्शन के लिए
तीर्थयात्री बहुत दूर-दूर से आते है । इस मंदिर में आम तौर पर भगवान को हल्दी (हल्दी) की पेशकश की जाती है एवम् कुछ भी जो लाल रंग में है ,  उदाहरण के लिए:- लाल डेसर्ट , लाल कपड़े अन्दर में बिलकुल मना है | खिरसू में वैसाखी के बाद हर तीसरे सोमवार को हर साल एक घण्डियाल मेला का आयोजन होता है।

धरी देवी मंदिर पौड़ी गढ़वाल

धारी देवी मंदिर !! (Dhari Devi Temple )

धारी देवी मंदिर , देवी काली माता को समर्पित एक हिंदू मंदिर है । धारी देवी को उत्तराखंड की संरक्षक व पालक देवी के रूप में माना जाता है । धारी देवी का पवित्र मंदिर बद्रीनाथ रोड पर श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है । धारी देवी की मूर्ति का ऊपरी आधा भाग अलकनंदा नदी में बहकर यहां आया था तब से मूर्ति यही पर है । तब से यहां देवी “धारी” के रूप में मूर्ति की पूजा की जाती है । मूर्ति की निचला आधा हिस्सा कालीमठ में स्थित है, जहां माता काली के रूप में आराधना की जाती है | माँ धारी देवी जनकल्याणकारी होने के साथ ही दक्षिणी काली माँ भी कहा जाता है | माना जाता है कि धारी देवी दिन के दौरान अपना रूप बदलती है ।

अधिक जानकारी :- DHARI DEVI TEMPLE , PAURI GARHWAL !! (धारी देवी मंदिर)




टिहरी गढ़वाल का इतिहास

पौड़ी गढ़वाल !! ( Pauri Garhwal )

चारो तरफ पहाड़िया और बीच में है “पौड़ी” | उत्तराखंड की एक बेहद सुन्दर जगह है | “पौड़ी” उत्तराखंड राज्य का एक जिला है | इस जिले का मुख्यालय पौड़ी है | यह जिला मध्य हिमालय में कंडोलिया की पहाड़िया में स्थित है | समुन्द्रतल से 1750 मीटर की ऊँचाई में स्थित ” पौड़ी ” हिल स्टेशन के रूप में भी जाना जाता है | पुरे सालभर में पौड़ी का वातावरण बहुत ही सुहाना रहता है | पौड़ी गढ़वाल की मुख्य नदियों में से अलकनंदा और नायर मुख्य है | इस स्थान की मुख्य भाषा “गढ़वाली” है | अन्य भाषा में स्थानीय लोग हिंदी , अंग्रेजी भाषा को बेहतरीन रूप में बोलते है | यहाँ के लोकगीत , संगीत व नृत्य यहाँ की संस्कृति की संपूर्ण जगह में अपनी पहचान छोड़ते है |

अधिक जानकारी :- पौड़ी गढ़वाल का इतिहास !!

कंडोलिया मंदिर पौड़ी गढ़वाल

कंडोलिया मंदिर !!  ( Kandoliya Temple ) 

कंडोलिया मंदिर , पौड़ी गढ़वाल शहर से 2 किमी. की दूरी पर स्थित धार्मिक , पवित्र एवम् प्राचीन मंदिर है । यह मंदिर कंडोलिया देवता को समर्पित है , जो स्थानीय भूमि देवता हैं । मंदिर में भगवान शिव जी की कंडोलिया देवता के रूप में पूजा होती है | यह धार्मिक स्थान महान हिमालय की चोटियों और गंगवारस्यून घाटी का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है । मान्यता है कि बाद में देवता गांव के ही एक व्यक्ति के स्वप्न में आए और आदेशित किया कि मेरा स्थान किसी उच्च स्थान पर बनाया जाए । इसके बाद कंडोलिया देवता को पौडी शहर से ऊपर स्थित पहाडी पर स्थापित किया गया । स्थापना के बाद से ही कंडोलिया मंदिर न्याय देवता के रूप में प्रसिद्ध हो गए ।

अधिक जानकारी :- Kandoliya Temple , Pauri Garhwal !! (कंडोलिया मंदिर)

Activities to do in Khirsu , Pauri Garhwal !!

खिरसू में आप निम्न गतिविधिया कर सकते है :-

 Nature Walk:- पाइन, ओक और देवदार के घने जंगलों के रूप में प्राकृतिक सुंदरता से घिरे होने के कारण खिरसू की सुन्दरता में चार चाँद लग जाते है एवम् यह नज़ारा काफी ही मनमोहक होता है | प्रकृति वन के माध्यम से पास के गांवों तक चली जाती है , जिसके कारण खिरसू में प्राकर्तिक भ्रमण करना काफी लोकप्रिय हैं |

Village Tourism :- खिरसू , उत्तराखंड के छुपे हुए गहने में से एक है और कम पर्यटक गतिविधि के कारण , वर्षों के दौरान इस स्थान में पर्यटको का आना कम रहता है । खिरसू और इसके आसपास के गांव , पहाड़ियों में देहाती अभी तक शांतिपूर्ण जीवन का अनुभव करने के लिए पूर्ण अवसर प्रदान करते हैं ।



Bird Watching:- खिरसू में पक्षियों की अनेक प्रजाति देखी जाती है एवम् यह जगह अपनी प्रकार्तिक सुन्दरता और विभिन्न प्रकार की पक्षियों के देखे जाने के  लिए भी मशहूर है | यह जगह पक्षियों की कई प्रजातियों का घर है |  पक्षियों का चह-चाहना और पहाड़ों की चोटी पर सूरज की रोशनी के रंग के साथ जगना आत्मा को फिर से जीवंत कर उठता है |

Trekking:- खिर्सू में यदि आपको ट्रैकिंग करनी है , तो फिर इस जगह पर ऊँचाई में  एक पहाड़ी है जिसे फुरकंडा प्वाइंट कहते है । फुरकंडा प्वाइंट से खिर्सू , उंच्च चोटी और उसके आसपास के गांवों का विहंगम दृश्य दिखाई देता है ।

Google Map of Khirsu , Pauri Garhwal !!

खिरसू उत्तराखंड राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है | आप इस स्थान को निचे Google Map में देख सकते है |


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उम्मीद करते है कि आपको “History , Tourist Place and Activities to do in Khirsu , Pauri Garhwal !! ( खिरसू )” के बारे में पढ़कर आनंद आया होगा |

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