जानिए कर्कोताका मंदिर  के बारे में  (Karkotaka Temple ) 

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको “उत्तराखंड दर्शन” के इस पोस्ट में उत्तरखंड राज्य के भीमताल क्षेत्र में स्थित कर्कोताका मंदिर ( Karkotaka Temple ) के बारे में बताने वाले है,  यदि आप जानना चाहते हैं, कर्कोताका मंदिर Karkotaka Temple  के बारे में तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े|




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कर्कोताका मंदिर का इतिहास  ( History Of  Karkotaka Temple Bhimtal )

उत्तराखंड राज्य के भीमताल क्षेत्र में स्थित  यह एक पुराना नाग मंदिर है जो कोरटाटाका पहाड़ी पर स्थित है । यह मंदिर नाग के देवता, नाग कर्कोताका महाराजा को समर्पित है। इस पहाड़ी का नाम पौराणिक “कोबराकर्कोताका मंदिर” के नाम पर रखा गया था। ऋषि पंचमी के अवसर पर, यहां भारी संख्‍या में श्रद्धालु प्रार्थना करने आते है और भगवान के दर्शन करते हैं । किंवदंतियों के अनुसार, यह भगवान सर्प के काटने से भक्‍तों की रक्षा करते हैं । सर्प देवता, नाग करकोका महाराज के प्रति समर्पित, तीर्थयात्री ऋषि पंचमी के अवसर पर बड़ी संख्या में आते हैं।

पौराणिक कथा के अनुसार  –





पौराणिक कथाओं के अनुसार नागों की माँ ने उन्हें अपना वचन भंग करने के कारण शाप दिया कि वे सब जनमेजय के नाग यज्ञ में जल मरेंगे। इससे भयभीत होकर  शेषनाग हिमालय  पर, कम्बल नाग  ब्रह्माजी के लोक में, शंखचूड़ मणिपुर  राज्य में, कालिया नाग  यमुना  में, धृतराष्ट्र नाग  प्रयाग  में, एलापत्र ब्रह्मलोक में और अन्य कुरुक्षेत् में तप करने चले गए। एलापत्र ने ब्रह्म जी से पूछा- “भगवान ! माता  के शाप से हमारी मुक्ति कैसे होगी?” तब ब्रह्माजी ने कहा, “आप महाकाल वन में जाकर महामाया के सामने स्थित  शिवलिंग की पूजा  करो। तब कर्कोटक नाग वहाँ पहुँचा और उन्होंने शिवजी की स्तुति की। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर कहा कि “जो  नाग धर्म  का आचरण करते हैं, उनका विनाश नहीं होगा।” इसके उपरांत कर्कोटक नाग वहीं लिंग में प्रविष्ट हो गया। तब से उस लिंग को कर्कोटेश्वर कहते हैं। यह माना जाता है कि जो लोग  पंचमी चतुर्दशी  और  रविवार को कर्कोताका  की पूजा करते हैं, उन्हें सर्प पीड़ा नहीं होती।

Karkotaka Temple Bhimtal In 360 Degree





Karkotaka Temple Bhimtal

How To Reach यहाँ तक कैसे पहुचे?

1. By Air

भीमताल पहुँचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पंतनगर एयरपोर्ट है , जो की भीमताल से लगभग 58 km दूर है | एयरपोर्ट से आप टैक्सी करके भीमताल पहुँच सकते है |

2. By Road

भीमताल मोटरसाइकिल सड़कों के माध्यम से उत्तराखंड के प्रमुख शहरों और कस्बों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आईएसबीटी आनंद विहार, नई दिल्ली से बसें काठगोदाम और नैनीताल के लिए उपलब्ध हैं। भीमताल से टैक्सी अल्मोड़ा, नैनीताल और काठगोदाम से आसानी से उपलब्ध हैं।

3. By Train

निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम , भीमताल से 30 किमी की दूरी पर स्थित है । काठगोदाम तक आप ट्रेन से पहुच सकते है | उसके बाद आगे का सफ़र आपको टैक्सी के द्वारा तय करना होगा जो की लगभग 30 km होगा |

GOOGLE MAP OF KARKOTAKA TEMPLE BHIMTAL