मठियाणा माँ रुद्रप्रयाग उत्तराखंड “Mathiyana Devi Temple Rudraprayag”-

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको “उत्तराखंड दर्शन” के इस पोस्ट में (मठियाणा माँ, रुद्रप्रयाग) की कथा एवं रहस्य  “Mathiyana Devi,Temple Rudraprayag”) के बारे में बताने वाले हैं यदि आप जानना चाहते है (मठियाणा माँ, रुद्रप्रयाग की कथा एवं रहस्य)  “Mathiyana Devi, Temple Rudraprayag” के बारे में तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े|





Mathiyana-Devi,Temple

पौराणिक कथाओं के अनुसार-

प्राचीन लोक कथाओं के अनुसार माँ मठियाणा सिरवाड़ी गढ़ के राजवंशों की धियान थी। जिसका विवाह भोट यानि तिब्बत के राजकुमार से हुआ था। सौतेली माँ द्वारा ढाह वश के कुछ लोगों की मदद से उसके पति कि हत्या कर दी जाती है।

पति के मरने की आहत सहजा तिलवाड़ा सूरज प्रयाग में सती होने जाती है। तब यहीं से मां प्रकट होती है। देवी सिरवादी गढ़ में पहुंचकर दोषियों को दंड देती हैं, और जन कल्याण के निमित यहीं वास लेती हैं। हर तीसरे साल सहजा मां के जागर लगते हैं। जिसमें देवी की गाथा का बखान होता है, यहां देवी का उग्र रूप है, बाद में यही रूप सौम्य अवस्था में मठियाणा खाल में स्थान लेता है।

यहीं से मां मठियाणा का नाम जगत प्रसिद्ध होता है।  मां के दर्शन कर पुण्य लाभ के लिए यहां हर वक्त खासकर नवरात्र पर भक्तों का जमावड़ा रहता है। मठियाणा देवी माता शक्ति का काली रूप है तथा ये स्थान देवी का सिद्धि-पीठ भी है।

यहाँ तक कैसे पहुंचे How To Reach?






यहाँ तक आप आसानी से पहुच सकते हैं|

हवाई जहाज- निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है, यहाँ से मठियाणा देवी मंदिर की दूरी लगभग 189 किलोमीटर हैं यहाँ तक आप आसानी पहुँच सकते हैं |

ट्रेन- निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश रेलवे स्टेशन हैं यहाँ से मठियाणा देवी मंदिर की दूरी लगभग 138 किलोमीटर हैं यहाँ से आप आसानी से टैक्सी में जा सकते हैं|

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