“मयाली पास” गढ़वाल हिमालय ‘Mayali Pass’ Garhwal himalayas

नमस्कार दोस्तों, आपको “उत्तराखंड दर्शन” के इस पोस्ट में “मयाली पास गढ़वाल हिमालय Mayali Pass Garhwal Himalayas” के बारे में बताने वाले हैं यदि आप जानना चाहते हैं “मयाली पास गढ़वाल हिमालय Mayali Pass Garhwal Himalayas” के बारे में तो इस को अंत तक जरूर पढ़े|





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मयाली पास गढ़वाल हिमालय Mayali Pass Garhwal Himalayas

मयाली पास उत्तराखंड राज्य के टिहरी गढ़वाल में स्थित हैं यह समुद्र तल से लगभग 5,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है|  मायाली दर्रा उत्तराखंड हिमालय की गोद में बसा एक सुन्दर दर्रा हैं| प्राचीन समय में, यह गंगोत्री से केदारनाथ की यात्रा करने वाले साहसिक तीर्थयात्रियों के लिए पसंदीदा स्थान था|





मयाली दर्रा, गढ़वाल हिमालय का सबसे कठिन ट्रेक, के रूप में पर्यटकों के लिए प्रसिद्ध स्थान है। ऑडेन के कॉल, खतलिंग ग्लेशियर और मायाली दर्रे के साहसिक कॉकटेल को गढ़वाल उत्तराखंड में सबसे कठिन ट्रेक के रूप में माना जाता है और ट्रेकर्स द्वारा शायद ही कभी चुनौती दी जाती है। फिर भी, मायाली दर्रा ट्रेक अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता, देहाती पहाड़ी क्षेत्र हैं|  मायाली दर्रे की यात्रा दो मार्गों से की जा सकती है – एक घेटू से और दूसरा उत्तरकाशी के पास माला गाँव से है। जबकि माला से ट्रेक मार्ग पोस्टकार्ड-परिपूर्ण प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करता है, यह 2 सप्ताह का ट्रेक है। घुत्तु से ट्रेक मार्ग छोटा है (9-10 दिन)।

मयाली पास टिहरी गढ़वाल ट्रेक मार्ग

ऋषिकेश, घुत्तु, रेही, खरसोली, चौकी, मासर ताल, वासुकी ताल, केदारनाथ, गौरीकुंड, ऋषिकेश।

पहला दिन- ऋषिकेश से घुत्तु (138 किमी, 8-9 घंटे)

ऋषिकेश से 138 किलोमीटर दूर घुत्तु गांव है ऋषिकेश से लगभग 8-9 घंटे में घुत्तु पहुंचा जाता हैं यहाँ रात भर ठहरने के लिए होटल या गेस्टहाउस आसानी से उपलब्ध हैं|

दूसरा दिन – घुत्तु से रेही (10 किलोमीटर)

दूसरे दिन का ट्रेक घेटु गाँव से रीही गाँव की ओर शुरू होता है जो यहाँ से 7-8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हरे-भरे हरियाली के बीच ट्रेकिंग ट्रेल देओलांग गाँव से होकर गुजरती है। आप शाम तक रेही गाँव आसानी से पहुँच सकते हैं। यहाँ रहने के लिए टेंट या GMVN रेस्ट हाउस उपलब्ध हैं|

तीसरा दिन- रेही से गंगी गाँव (12 किलोमीटर)

गंगी गाँव रेही से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ भी ठहरने के लिए होटल या गेस्टहाउस आसानी से उपलब्ध हैं|






चौथा दिन- गंगी से खरसोली (15 किलोमीटर)

खरसोली की ओर जाने वाला ट्रेकिंग डेओखरी चन्नी से होकर गुजरते है हरी-भरी वनस्थली से गुजरते हुए खरसोली तक पहुंचे हैं जो एक सुंदर घास का मैदान है। यहाँ आप रात में टेंट लगा के रह सकते हैं |

छटा दिन- खरसोली  से मासर ताल (8 किमी, 6-7 घंटे)

खरसोली से आप मासर ताल 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं| मस्तार ताल समुद्र तल से लगभग 3,000 मीटर की ऊँचाई पर स्थित हैं। यहाँ आप झील के बगल में अपने टेंट लगाते हैं और सुंदर दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।

सातवा दिन मासर ताल से वासुकी ताल (12 किलोमीटर)

वासुकी ताल लगभग समुद्रतल से (4800 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित हैं मासर ताल से वासुकी ताल तक लगभग 3 किमी के लिए चढ़ाई चढ़नी पढ़ती हैं। आप यहाँ, झील के बगल में अपने टेंट लगा सकते हैं और दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।

आठवा दिन- वासुकी ताल से केदारनाथ (5 किलोमीटर)

वासुकी ताल से केदारनाथ 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, यहाँ तक पहुँचने में 3-4 घंटे लगेंगे। यहाँ आप केदारनाथ धाम के दर्शन कर सकते हैं

नौ दिन – केदारनाथ से गौरीकुंड (14 किलोमीटर)

केदारनाथ से गौरीकुंड 14 किलोमीटर की दूरी में स्थित हैं यहाँ आप सुबह जल्दी उठकर सुंदर सूर्योदय का आनंद लें। और यहाँ से गौरीकुंड के लिए निकल जाय, जो केदारनाथ मंदिर से 14 किमी की आसान जगह है। यहाँ रहने के लिए गेस्टहाउस उपलब्ध हैं

दसवा दिन – गौरीकुंड से ऋषिकेश

दसवा दिन  गौरीकुंड से, ऋषिकेश के लिए निकल जाय यहाँ से ऋषिकेश की दूरी लगभग 210 किलोमीटर हैं| यहाँ से आप 6 -7 घंटे में ऋषिकेश पहुँच जायेंगे। ऋषिकेश से दिल्ली के लिए रात भर की बस चलती रहती हैं|

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Google Map Of Mayali Pass Tehri Garhwal