जानिए शिव कालेश्वर महादेव मंदिर, (लैंसडाउन) के बारे में -Shiv Kaleshwar Mahadev Temple Lansdowne

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको “उत्तराखंड दर्शन” के इस पोस्ट में “पौड़ी गढ़वाल जिले के  लैंसडाउन में स्थित शिव कालेश्वर महादेव मंदिर” Shiv Kaleshwar Mahadev Temple  के बारे में बताने वाले हैं, यदि आप जानना चाहते हैं शिव कालेश्वर महादेव मंदिर Shiv Kaleshwar Mahadev Temple  के बारे में तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े|





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शिव कालेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास History Of Shiv Kaleshwar Temple Lansdowne –

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में लैंसडाउन एक छावनी शहर तथा  सुंदर,  सुदूर पहाड़ी स्टेशन है जिसमें बहुत सारे हरियाली और लंबे पेड़ हैं। भारत लॉर्ड  लैंसडाउन के वाइसराय के बाद स्थापित  किया गया। (14 जनवरी 1845 – 3 जून 1 9 27), पहाड़ी स्टेशन में शहर और आसपास के क्षेत्रों के भीतर कई पर्यटक स्थल हैं। इस क्षेत्र में कई  शिव मंदिर स्थापित  हैं।

भगवान शिव का एक सदियों पुराना मंदिर, कालेश्वर महादेव मंदिर लैंसडाउन लोगों के साथ-साथ बहादुर गढ़वाल रेजिमेंट के लिए भक्ति का केंद्र है। मुख्य लैंसडाउन शहर के पास स्थित, कालेश्वर महादेव का नाम ऋष कालून के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने यहां ध्यान किया

कालेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव भक्तों के बीच जाने के लिए पहली और पसंदीदा जगह संतों के लिए ध्यान की भूमि माना जाता था। आगंतुक अभी भी मंदिर के पास कई ऋषियों की समाधि देख सकते हैं।

शिव कालेश्वर महादेव मंदिर की मान्यता –






कालेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग है जो स्वयंभू (आत्मनिर्भर) है।  गांव वालों का मानना था कि गांव की गायें इधर चरने आती थीं तो शिवलिंग के पास गुजरने पर वे स्वतः दूध देने लगती थीं। लोग श्रद्धा और भक्ति से मन्नत मांगने आते थे उनकी मन्नत भी अवश्य पूरी हो जाती थी। यानी बाबा कालेश्वर गांव वालों की अखंड आस्था के केंद्र थे साल 1901 में पहले गढ़वाल रेजिमेंट ने यहां एक छोटा सा मंदिर को धर्मशाला का निर्माण कराया। साल 1926 में लोगों के सहयोग से यहां विशाल मंदिर का निर्माण कराया गया। मंदिर में पूजा अर्चना साधु महात्मा करते थे। मंदिर का इंतजाम गढ़वाल रेजिमेंट देखता था। 1995 में मंदिर का पुनर्निमाण गढ़वाल रेजिमेंट ने करवाया। इसमें भी स्थनीय लोगों का सहयोग मिला|

लोग इस इतिहास में भी विश्वास करते हैं कि करीब 5000 साल पहले ऋषि कालून ने चिल्लाने से पहले यहां ध्यान किया था। ऋषि कलुन के बाद लैंसडाउन का नाम कलुदांडा है।

यहाँ तक कैसे पहुचे How To Reach?

हवाई जहाज – निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है यहाँ से लैंसडाउन, की दूरी लगभग 118 किलोमीटर हैं| यहाँ से आप आसानी से टैक्सी अथवा कार से जा सकते हैं|

ट्रेन – निकटतम रेलवे स्टेशन कोटद्वार रेलवे स्टेशन हैं यहाँ से लैंसडाउन,  की दूरी लगभग 40 किलोमीटर हैं| यहाँ से आप आसानी से टैक्सी में जा सकते हैं|

पौड़ी गढ़वाल जिले में कालेश्वर महादेव मंदिर के अलावा अन्य प्रसिद्ध मंदिर NEELKANTH MAHADEV TEMPLE , RISHIKESH , PAURI GARHWAL !! ( नीलकंठ महादेव मंदिर !! ) , Sidhbali Temple , Kotdwar , Pauri Garhwal !! ( सिध्बली मंदिर) , Kandoliya Temple , Pauri Garhwal !! (कंडोलिया मंदिर) , Danda Nagaraja Temple,Pauri Garhwal !! ( डांडा नागराजा मंदिर ) , Dhari Devi Temple , Pauri Garhwal !! ( धारी देवी मंदिर ) के भी दर्शन जरुर करने चाहिए |

GOOGLE MAP OF KALESHWAR MAHADEV TEMPLE LANSDOWNE 





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