‘सोमनाथ’ ग्राउंड व् ‘शैतान सिंह’ ग्राउंड रानीखेत का इतिहास Somnath Ground ,Shaitan Singh Ground Ranikhet

 

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको विजय दिवस के इस सुअवसर पर उत्तराखंड के हिल स्टेशन रानीखेत में स्थित मेजर सोमनाथ शर्मा ग्राउंड Somnath Ground Ranikhet तथा शैतान सिंह ग्राउंड Shaitan Singh Ground के बारे में बताने वाले हैं यदि आप जानना चाहते हैं इन प्रसिद्ध ग्राउंड के बारे में तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े|





Somnath-Ground-Ranikhet

सोमनाथ ग्राउंड रानीखेत का इतिहास History Of ‘Somnath Ground’ Ranikhet

 

सोमनाथ मैदान उत्तराखंड राज्य, अल्मोड़ा जिले के रानीखेत में स्थित कुमाऊं रेजिमेंट का मुख्य परेड ग्राउंड है। यह ग्राउंड प्रथम परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता मेजर सोमनाथ के नाम पर बना हैं, जो 1947 के भारत-पाक युद्ध में बडगाम के युद्ध के दौरान भारत के सर्वोच्च सैन्य अलंकरण परमवीर चक्र के प्रथम प्राप्तकर्ता थे। इस जगह की यात्रा हमारे बहादुर भारतीय सेना के लिए प्रशंसा और सम्मान से भर देती है। यह ग्राउंड रानीखेत विजय चौक के पास स्थित हैं| इस ग्राउंड में भारतीय सेना की भर्तीयां भी आयोजित की जाती हैं मेजर सोमनाथ शर्मा 1947 में भारत – पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में, वीरगति को प्राप्त हुए थे| वे उस वक्त कुमाऊँ रेजिमेंट की चौथी बटालियन में डेल्टा कंपनी के कमांडर थे| कहा जाता है कि बडगाम में 700 पाकिस्तानी सेनिको ने हमला कर दिया| चारो ओर से घिरे होने तथा हॉकी खेलते हुए चोट लगने के बावजूद भी मेजर ने इस युद्ध में वीरता से दुश्मनों का सामना किया|अपने अंतिम क्षणों में भी उनके शव्द कुछ यूँ थे “दुश्मन हमसे महज 50 मीटर की दूरी पर हैं, पर हम एक इंच भी पीछे नही हटेंगे हम उनसे अंतिम गोली और अंतिम फौजी तक मुकाबला करेंगे”





परमवीर चक्र से सम्मानित शैतान सिंह की कहानी 

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‘शैतान सिंह ग्राउंड’ का इतिहास  History Of Shaitan Singh Ground

शैतान सिंह ग्राउंड भी सैनिक अभ्यास का एक ग्राउंड हैं जो रानीखेत में कुमाऊँ रेजिमेंट सेंटर के आलमा लाइंस के पास हैं| यह ग्राउंड वीर मेजर शैतान सिंह के नाम पर बाना हैं| जिनके नाम से आज तक चीन की सेना डरती हैं|

1962 में जब भारत और चीन के मध्य युद्ध हुआ था तब भारत के पास संसाधनो का अभाव था उस आभाव में भी मेजर शैतान सिंह और उनके 123 सेनिको ने 1000 से अधिक चीनी सैनिको को मार गिराया था| रेजांगला दर्रे पर, जहाँ खून जमा देने वाली बर्फ थी वहां इन वीर सैनिकों ने अपनी आखिरी साँस तक अपने कर्तव्य का पालन करते हुए  अपना सर्वस्व भारत माता पर न्यौछावर कर दिया और शहीद हो गए।





सम्मान-
मेजर शैतान सिंह के वीरता भरे देश प्रेम को सम्मान देते हुए भारत सरकार ने वर्ष 1963 में उन्हें  मरणोपरांत परमवीर चक्र से नवाजा गया |

यहाँ तक कैसे पहुंचे How To Reach?

हवाई अड्डा – निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर हवाई अड्डा हैं यहाँ से रानीखेत की दूरी लगभग 109 किलोमीटर हैं यहाँ से आप आसानी से टैक्सी अथवा बस से जा सकते हैं |

ट्रेन- निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम रेलवे स्टेशन हैं यहाँ से रानीखेत की दूरी लगभग 75 किलोमीटर हैं यहाँ से आप आसानी से टैक्सी अथवा बस से जा सकते हैं |

Google Map Of Somnath Ground Ranikhet





उमीद करते हैं आपको हमारे इन वीर शाहसी जवानो के बारे में जान कर अच्छा लगा होगा| अगर आपको  यह पोस्ट पसंद आई तो इसे like तथा नीचे दिए बटनों द्वारा share जरुर करें|