Bhavisya Badri Temple , Joshimath , Chamoli !! (भविष्य बद्री मंदिर)

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको उत्तराखंड दर्शन की इस पोस्ट में चमोली जिले में स्थित प्रसिद्ध मंदिर “Bhavisya Badri Temple , Joshimath , Chamoli !! (भविष्य बद्री मंदिर)” के बारे में पूरी जानकारी देने वाले है , यदि आप भविष्य बद्री मंदिर के बारे में जानना चाहते है तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े |

Bhavisya Badri Temple , Joshimath , Chamoli !! (भविष्य बद्री मंदिर)





Bhavisya Badri Temple Joshimath Chamoliभविष्य बद्री मंदिर एक प्रसिद्ध , धार्मिक एवम् पवित्र मंदिर है जो कि लगभग 17 किलोमीटर की दूरी पर जोशीमठ के पूर्व जोशीमठ-लता-मलारी मार्ग पर तपोवन के आस-पास घने जंगलों के बीच में स्थित है या भविष्य बद्री मंदिर , सप्त बद्री में से एक है जो गाँव सुभेन , जोशीमठ उत्तराखंड में स्थित है । यह मंदिर समुन्द्रतल से 2744 मीटर की ऊँचाई पर घने जंगलो के अन्दर स्थित है एवम् यह मंदिर पंच बद्री ( बद्रीनाथ, योगध्यान बद्री, आदि बद्री तथा वृद्ध बद्री ) तीर्थ में से एक है | भविष्य बद्री मंदिर की स्थापना आठवीं सदी में आदि गुरू शंकराचार्य ने की थी । भविष्य-बद्री मंदिर के समीप एक पत्थर पर शंकराचार्य ने भविष्यवाणी भी लिखी है । जिस भाषा में भविष्य वाणी लिखी गई है , उसे आज तक कोई नहीं पढ़ पाया है । यहां मंदिर के पास एक शिला है, इस शिला को ध्यान से देखने पर भगवान की आधी आकृति नज़र आती है | यहां भगवान बदरी विशाल शालिग्राम मूर्ति के रूप में विराजमान हैं। पौराणिक मान्यता है कि कलयुग के अंत में जब जय-विजय पर्वत के आपस में मिलने पर बदरीनाथ धाम की राह अवरुद्ध हो जाएगी , तब भगवान बदरी विशाल भविष्य बदरी मंदिर में ही श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। यहां भगवान बदरी विशाल शालिग्राम मूर्ति के रूप में विराजमान हैं । भविष्यबद्री मंदिर के बारे में यह भी कहा जाता है कि अगस्त्य ऋषि ने इसी स्थान में तपस्या की थी । इस क्षेत्र में स्थित एक मंदिर में नरसिंह की मूर्ति और हिंदू भगवान शिव का एक अवतार स्थापित है । तपोवन से भविष्यबद्री मंदिर तक पैदल चल के पहुंचा जा सकता है | भविष्य बद्री के अनुसार जब शैतान दुनिया पर आक्रमण कर रहे थे तब नर और नारायण के पर्वतों ने बद्रीनाथ को जाने वाले रस्ते को रोक कर बद्रीनाथ मंदिर की रक्षा की थी | आदि ग्रंथों के अनुसार यही वह स्थान है जहां बद्रीनाथ का मार्ग बन्द हो जाने के पश्चात धार्मिक लोग यहां पूजा-अर्चना के लिए आते हैं । मान्यताओं के अनुसार भविष्य में बुरे मौसम के कारण बद्रीनाथ तीर्थ तक पहुँचना संभव नहीं होगा , इसलिए ऐसा माना जाता है कि इस जगह को बद्रीनाथ के विकल्प के रूप में पूजा जाएगा । भविष्य बड़ी मंदिर की विकट चढ़ाई के कारण शारीरिक रूप से फिट यात्री ही मंदिर के प्रांगण तक पहुँच पाते हैं।

Google Map of Bhavisya Badri Temple , Joshimath , Chamoli !!

भविष्य बद्री मंदिर जोशीमठ के निकट में स्थित है (यह एक खूबसूरत पौराणिक मंदिर है, यह उत्तराखंड के अन्य परंपरागत मंदिर जैसा दिखता है । यह जोशीमठ शहर से लगभग 17 किमी दूर है । आप इस मंदिर का रास्ता निचे दिए गए Google Map में देख सकते है |




उम्मीद करते है कि आपको “Bhavisya Badri Temple , Joshimath , Chamoli !! (भविष्य बद्री मंदिर)” के बारे में पढ़कर आनंद आया होगा |

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