Gangolihat Tourism , Height , Temples , Weather And Map !! (Pithoragarh)

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको उत्तराखंड दर्शन कि इस पोस्ट में पिथौरागढ़ जिले में स्थित पर्वतीय पर्यटन स्थल “ गंगोलीहाट एक पर्वतीय पर्यटन स्थल (पिथौरागढ़)!! Gangolihat Tourism , Height , Temples , Weather And Map !! (Pithoragarh) “ के बारे में जानकारी देने वाले है , यदि आप गंगोलीहाट के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े |



Gangolihat (A Place of Worship in Pithoragarh) !! गंगोलीहाट (पिथौरागढ़ में पूजा का स्थान)

Gangolihat Pithoragarhगंगोलीहाट उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित एक छोटा हिमालय पर्वतीय शहर है | यह पर्वतीय शहर ऊँची-ऊँची चोटियो , प्राकृतिक सौन्दर्यता और देवदार के घने जंगलो से घिरा हुआ है | गंगोलीहाट देवी काली के हट कालिका शक्तिपीठ के लिए प्रसिद्ध है | यह पर्वतीय शहर पिथौरागढ़ जिले से 78 km की दुरी पर स्थित है |

यह क्षेत्र “सरयू” और “रामगंगा” नाम की दो नदियों से घिरा हुआ है , जो कि इस क्षेत्र की चोटी पर घाट पर मिलते है | इन दोनों नदियों ने इस क्षेत्र का नाम पड़ा है और Gang (स्थानीय बोली में नदी) + Awali (माला) से मिलकर Gangawali बना जो कि बाद में Gangoli नाम से जाना जाने लगा | और Hat शब्द का उपयोग स्थानीय लोगो के लिए मुख्य बाज़ार / सभा स्थान के लिए किया गया | जिससे कि Gangoli + Hat शब्द के कारण इस क्षेत्र का नाम ( Gangolihat गंगोलीहाट ) रखा गया |

गंगोलीहाट क्षेत्र में कई गुफाये है जैसे कि पाताल भुवनेश्वर , शैलेश्वर गुफा और “मुक्तेश्वर गुफा” इस क्षेत्र की प्रसिद्ध गुफा है | गंगोलीहाट में स्थित हाट “कालिका मंदिर” में आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा महाकाली का शक्तिपीठ स्थापित किया गया | यह माना जाता है कि देवी कलिका माता , जो कि पश्चिम बंगाल में विराजित थी उन्होंने अपनी जगह बेंगलुरु से गंगोलीहट में स्थानांतरित कर दी थी | गंगोलीहाट क्षेत्र में स्थित हाट कालिका का मंदिर पुरे भारत के साथ-साथ भारतीय सेना बलों के बीच में भी प्रसिद्ध है |

Gangolihat Height !! गंगोलीहाट की ऊँचाई !!

यह जगह समुद्र स्तर से 1,760 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

Gangolihat tourism places and Temple

pataal bhuvaneshver temple of gangolihat

Patal Bhuvaneshwer Cave Temple (पाताल भुवनेश्वर गुफा)

पाताल भुवनेश्वर मंदिर पिथौरागढ़ जनपद उत्तराखंड राज्य का प्रमुख पर्यटक केन्द्र है। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के प्रसिद्ध नगर अल्मोड़ा से शेराघाट होते हुए 160 कि.मी की दूरी तय कर सीमान्त कस्बे गंगोलीहाट में स्थित है | पाताल भुवनेश्वर  देवदार के घने जंगलों के बीच अनेक भूमिगत गुफ़ाओं का संग्रह है |

पाताल भुवनेश्वर की मान्यताओं के मुताबिक, इसकी खोज आदि जगत गुरु शंकराचार्य ने की थी । यह पवित्र व रहस्यमयी गुफा अपने आप में सदियों का इतिहास समेटे हुए है। मान्यता है कि इस गुफा में 33 करोड़ देवी-देवताओं ने अपना निवास स्थान बना रखा है ।

Hat Kalika temple of Gangolihat

Hat-Kali Temple

हाट-काली मंदिर पाताल भुवनेश्वर से 17 कि.मी. और पिथौरागढ़ से 77 कि.मी की दुरी पर स्थित है | हाट कालिका का मंदिर घने देवदार जंगल के बीच में स्थित है ।गंगोलीहट शहर में स्थित हाट कालिका मंदिर में आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा महाकाली का शक्तिपीठ स्थापित किया गया ।

इस मंदिर के बारे में यह आरोप लगाया जाता है कि चंद राज के शासनकाल में मनुष्य कभी-कभी इस मंदिर में बलि चढ़ाए जाते थे , लेकिन पिछली शताब्दी से इस मंदिर के प्रांगण में बलि देने में रोक लगा दी गयी लेकिन वर्तमान समय में बकरियों और भैंसों का बलिदान अभी भी जारी है , खासकर चैत्र और अश्विन के नवरात्रि के दौरान बकरियों और भैंसों की बलि दी जाती है |

गंगोलीहाट क्षेत्र गुफाओं और प्राचीन मंदिरों के लिए बेहद लोकप्रिय है | Kalika Mata Mandir कालिका माता मंदिर , Chamunda Temple चामुंडा मंदिर , Jay Shree Churmal Dev Temple जय श्री चुर्मल देव मंदिर , Hanuman Temple हनुमान मंदिर , Kali Mata Temple Gangulyghat काली माता मंदिर गांगुलीघाट , Mostmanu Temple मोस्त्मानु मंदिर , Mankeshwar Temple मंकेश्वर मंदिर , Gupteshwer Temple गुप्तेश्वर मंदिर , Shri 1008 Ganganath Devta Temple श्री 1008 गंगानाथ देवता मंदिर , Kalshan Temple कल्शन मंदिर यह सब प्राचीन मंदिर इस क्षेत्र में बड़े ही लोकप्रिय है |

और इस क्षेत्र में “गंगोलीहाट किला” नामक एक किला भी मौजूद है , जो कि पहाड़ी की चोटी में स्थित है | इस किले का निर्माण 1789 में गोरखाओ के द्वारा किया गया |इस किले को ब्रितर्स द्वारा लॉन्डन (London Fort by the Britishers) किला के रूप में भी बुलाया जाता था |

Best Time to Visit Gangolihat !!





गंगोलीहाट की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक होता है क्यूंकि इस समय मौसम सुखुद होता है और सर्दी के मौसम में इस क्षेत्र में ठंडा होने लगता है | जिससे की ऊनी कपड़ो का फयादा उठाना का मौका मिलता है | पहाड़ी शहर इस समय (अवधि) के दौरान अत्यधिक शानदार होता है क्यूंकि पूरा क्षेत्र हरियाली और फूलों से भरा होता है |

Gangolihat Map !!

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उम्मीद करते है कि आपको “ गंगोलीहाट , पिथौरागढ़ !! Gangolihat Tourism , Height , Temples , Weather And Map !! (Pithoragarh)” के बारे में पढ़कर आनंद आया होगा |

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