Joshimath – A Religious Place in Chamoli !! ( जोशीमठ )

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको उत्तराखंड दर्शन की इस पोस्ट में उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल “ Joshimath – A Religious Place in Chamoli !! ( जोशीमठ ) ” के बारे में पूरी जानकारी देने वाले है | यदि आप जोशीमठ के बारे में पूरी जानकारी जानना चाहते है , तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े |



History and Beliefs of Joshimath !! ( जोशीमठ का इतिहास एवम् मान्यता !! )

joshimathजोशीमठ एक पवित्र शहर है जो उत्‍तराखंड के चमोली जिले में समुद्र स्‍तर से 6000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है । यह शहर बर्फ से ढकी हिमालय पर्वतमालाओं से घिरा हुआ है। यह स्‍थल हिंदू धर्म के लोगों के लिए प्रतिष्ठित जगह है और यहां कई मंदिर भी स्‍थापित हैं । यहां 7 वीं सदी में धर्मसुधारक आदि शंकराचार्य को ज्ञान प्राप्त हुआ और बद्रीनाथ मंदिर तथा देश के विभिन्न कोनों में तीन और मठों की स्थापना से पहले यहीं उन्होंने प्रथम मठ की स्थापना की । जाड़े के समय इस शहर में बद्रीनाथ की गद्दी विराजित होती है , यहां हिंदू धर्म के लिखित वेद अथर्ववेद का पाठ पवित्र माना जाता है । इस शहर को पूर्व काल में कार्तिकेयपुर के नाम से जाना जाता था । जोशीमठ में एक प्राचीन पेड विराजित है – जिसे “कल्‍पवृक्ष” के नाम से जाना जाता हैं , जो देश का सबसे पुराना पेड़ माना जाता है । स्‍थानीय लोगों के अनुसार, लगभग 1200 पुराने इस वृक्ष के नीचे आदि गुरू शंकराचार्य ने घोर तपस्‍या की थी । कल्‍पवृक्ष की परिधि 21.5 मीटर की है । नरसिंह मंदिर, जोशीमठ का अन्‍य लोकप्रिय मंदिर है, जो हिंदूओं के भगवान नरसिंह को समर्पित है। यह माना जाता है कि यह मंदिर संत बद्री नाथ का घर हुआ करता था । इस मंदिर में स्‍थापित भगवान नरसिंह की प्रसिद्ध मूर्ति दिन प्रति दिन सिकुडती जा रही है । मान्‍यताओं के अनुसार, एक दिन यह मूर्ति पूर्णत: समाप्‍त हो जाएगी और उस दिन भयंकर भूस्‍खलन के कारण बद्रीनाथ को जाने वाला रास्‍ता बंद हो जाएगा ।

जोशीमठ शहर के आस-पास घूमने योग्य स्थानों में औली, उत्तराखंड का मुख्य स्की रिसॉर्ट शामिल है। बद्रीनाथ, औली तथा नीति घाटी के सान्निध्य के कारण जोशीमठ एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बन गया है |

जोशीमठ धार्मिक स्थान के अलावा यदि आप चमोली जिले के अन्य प्रसिद्ध स्थानों में भी घूम सकते है यदि आप उन अन्य प्रसिद्ध स्थानों के बारे में जानना चाहते है तो दिए गए लिंक में क्लिक करे  -: TOURIST PLACES , SIGHTSEEING PLACES AND THINGS TO DO IN CHAMOLI !!

History of Joshimath !! ( जोशीमठ का इतिहास !!)





जोशीमठ शब्द ज्योतिर्मठ शब्द का अपभ्रंश रूप है , जिसे कभी-कभी “ज्योतिषपीठ” भी कहते हैं । इसे वर्तमान 8वीं सदी में आदि शंकराचार्य ने स्थापित किया था। उन्होंने यहां एक शहतूत के पेड़ के नीचे तप किया और यहीं उन्हें ज्योति या ज्ञान की प्राप्ति हुई। यहीं उन्होंने शंकर भाष्य की रचना की जो सनातन धर्म के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण ग्रंथों में से एक है।जोशीमठ के इतिहास के अनुसार पांडुकेश्वर नामक स्थान में पाये गये कत्यूरी राजा ललितशूर के तांब्रपत्र के अनुसार “जोशीमठ” कत्यूरी राजाओं की राजधानी थी | जिसका उस समय का नाम “कार्तिकेयपुर” था। पौराणिक समय में एक क्षत्रिय सेनापति कंटुरा वासुदेव ने गढ़वाल की उत्तरी सीमा पर अपना शासन स्थापित किया तथा जोशीमठ में अपनी राजधानी बसायी । वासुदेव कत्यूरी वंश का संस्थापक था , जिसने 7वीं से 11वीं सदी के बीच कुमाऊं एवं गढ़वाल पर शासन किया । लेकिन फिर भी हिंदुओं के लिये एक धार्मिक स्थल के रूप में जोशीमठ आदि शंकराचार्य की संबद्धता के कारण मान्य हुआ ।

Google Map of Joshimath !!

जोशीमठ एक पवित्र शहर है , जो कि उत्‍तराखंड के चमोली जिले में समुद्र स्‍तर से 6000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है | आप इस स्थान को नोचे Google Map में देख सकते हैं |





उम्मीद करते है कि आपको उत्तराखंड राज्य के  जिले में स्थित “ Joshimath – A Religious Place in Chamoli !! ( जोशीमठ ) ” के बारे में पढ़कर आनंद आया होगा |

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