Most Popular Shiv Temple In Dehradun 

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको “उत्तराखंड दर्शन” के इस पोस्ट में “देहरादून में स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर   Most Popular Shiv Temple In Dehradun”  के बारे में बताने वाले हैं यदि आप जाना चाहते हैं “देहरादून में स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर  Most Popular Shiv Temple In Dehradun” के बारे में तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े|





Tapkeshwar Temple Dehradun

TAPKESHWAR TEMPLE , DEHRADUN !! (टपकेश्वर मंदिर)

टपकेश्‍वर मंदिर एक लोकप्रिय गुफा मंदिर भगवान शिव को समर्पित है । टपकेश्वर मंदिर देहरादून शहर के बस स्टैंड से 5.5 किमी दूर स्थित एक प्रवासी नदी के तट पर स्थित है । यह मंदिर सिध्पीठ के रूप में भी माना जाता है | टपकेश्वर मंदिर में टपकएक हिन्दी शब्द है , जिसका मतलब है बूंद-बूंद गिरना । टपकेश्वर मंदिर एक प्राकर्तिक गुफा है , जिसके अन्दर एक शिवलिंग विराजमान है | यह कहा जाता है कि गुफा के अन्दर विराजित शिवलिंग पर चट्टानों से लगातार पानी की बूंदे टपकती रहती है तथा पानी की बुँदे स्वाभाविक तरीके से शिवलिंग पर गिरती है | जिस कारण इस मंदिर का नाम टपकेश्वर मंदिर पड़ गया | मंदिर के कई रहस्य हैं और मंदिर के निर्माण के ऊपर भी कई तरह की बातें होती रहती हैं | कोई कहता है कि यहाँ मौजूद शिवलिंग स्वयं से प्रकट हुआ है , तो कई लोग बताते हैं कि पूरा मंदिर ही स्वर्ग से उतरा है | यह माना जाता है कि मंदिर अनादी काल से इस स्थान पर विराजित है और यह भी माना जाता है कि यह पवित्र स्थान गुरु द्रोणाचार्य जी की तपस्थली है | टपकेश्वर




मंदिर में दो शिवलिंग विराजित है , जिसमे से प्रमुख शिवलिंग स्वयम्भू है अर्थात शिवलिंग को किसी ने बनाया नहीं है एवम् मंदिर में विराजित दूसरा शिवलिंग पूरी तरह रुद्राक्ष से जड़ा हुआ है तथा भक्तगण मुख्य शिवलिंग के साथ-साथ दुसरे शिवलिंग के भी दर्शन कर सकते है | टपकेश्वर मंदिर में सभी देवी देवताओं की प्रतिमा है | मंदिर में माँ वैष्णो का भी मंदिर बनाया गया है जिसमें एक प्राकर्तिक गुफा है को कि माँ वैष्णो देवी के मंदिर की याद दिलाता है | इस मंदिर में भगवान हनुमान जी की भी एक विशाल मूर्ति है जो कि इस मंदिर का मुख्य आक्रर्षण है ।

नीलकंठ मन्हादेव मंदिर ऋषिकेश

NEELKANTH MAHADEV TEMPLE , RISHIKESH

नीलकंठ महादेव मंदिर , भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन पवित्र मंदिर है , जो कि उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में ऋषिकेश के स्वर्गाश्रम (राम झुला या शिवानन्द झुला) से किलोमीटर की दुरी पर मणिकूट पर्वत की घाटी पर स्थित है | मणिकूट पर्वत की गोद में स्थित मधुमती (मणिभद्रा) व पंकजा (चन्द्रभद्रा) नदियों के ईशानमुखीसंगम स्थल पर स्थित नीलकंठ महादेव मन्दिर एक प्रसिद्ध धार्मिक केन्द्र है । नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश के सबसे पूज्य मंदिरों में से एक है | यह मंदिर समुन्द्रतल से1675 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है | नीलकंठ महादेव मंदिर में बड़ा ही आकर्षित शिव का मंदिर बना है

Lakhamandal Temple Dehradun

LAKHAMANDAL TEMPLE

लाखामंडल मंदिर एक प्राचीन मंदिर है जो कि उत्तराखंड के देहरादून जिले के जौनसर-बावार क्षेत्र में स्थित है । यह मंदिर देवता भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित हैं एवम् समुन्द्रतल से इस मंदिर की ऊँचाई 1372 मीटर है | यह मंदिर शक्ति पंथ के बीच बहुत लोकप्रिय है क्योंकि उनका मानना ​​है कि इस मंदिर की यात्रा उनके दुर्भाग्य को समाप्त कर देगी । मंदिर अद्भुत कलात्मक काम से सुशोभित है । लाखामंडल मंदिर का नाम दो शब्दों से मिलता है | लाख अर्थ कई और मंडल जिसका अर्थ है मंदिरोंया लिंगममंदिर में दो शिवलिंग अलग-अलग रंगों और आकार के साथ स्थित हैं , द डार्क ग्रीन शिवलिंग द्वापर युग से संबंधित है , जब भगवान कृष्ण का अवतार हुआ था और लाल शिव लिंग त्रेता युग से संबंधित हैं , जब भगवान राम का अवतार हुआ था । लाखामंडल मंदिर को उत्तर भारतीय वास्तुकला शैली में बनाया गया है , जो कि गढ़वाल, जौनसर और हिमाचल के पर्वतीय क्षेत्रों में मामूली बात है | मंदिर के अंदर पार्वती के पैरों के निशान एक चट्टान पर देखे जा सकते हैं , जो इस मंदिर की विशिष्टता है । लाखामंडल मंदिरमें भगवान कार्तिकेय, भगवान गणेश, भगवान विष्णु और भगवान हनुमान की मूर्तियां मंदिर के अंदर स्थापित हैं ।





यहाँ तक कैसे पहुंचे How To Reach?

यहाँ तक आप आसानी से पहुँच सकते हैं |

हवाई जहाज- निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट हवाई अड्डा  हैं यहाँ तक आप बाईयर आ सकते हैं |

  ट्रेन-  निकटतम रेलवे स्टेशन देहरादून रेलवे स्टेशन हैं |

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