Narsingh Temple , Joshimath , Chamoli !! ( नरसिंह मंदिर )

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको उत्तराखंड दर्शन की इस पोस्ट में चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध मंदिर “Narsingh Temple , Joshimath , Chamoli !! ( नरसिंह मंदिर )” के बारे में पूरी जानकारी देने वाले है , यदि आप नरसिंह मंदिर के बारे में जानना चाहते है तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े |

Narsingh Temple , Joshimath , Chamoli !! ( नरसिंह मंदिर )




narsingh temple joshimath chamoliदेवभूमि उत्तराखंड के चमोली ज़िले के ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) क्षेत्र में स्थित ‘नृसिंह मंदिर’ भगवान विष्णु के 108 दिव्य देशमों में से एक है | नरसिंह मंदिर जोशीमठ का सबसे लोकप्रिय मंदिर है , यह मंदिर भगवान नरसिंह को समर्पित है जो कि भगवान विष्णु के चौथे अवतार थे | सप्त बद्री में से एक होने के कारण इस मंदिर को नारसिंघ बद्री या नरसिम्हा बद्री भी कहा जाता है | नरसिंह मंदिर के बारे में यह माना जाता है कि यह मंदिर, संत बद्री नाथ का घर हुआ करता था । 1200 वर्षों से भी पुराने इस मंदिर के विषय में यह कहा जाता है कि आदिगुरु शंकराचार्य ने स्वयं इस स्थान पर भगवान नरसिंह की शालिग्राम की स्थापना की थी | मंदिर में स्थापित भगवान नरसिंह की मूर्ति शालिग्राम पत्थर से बनी है , इस मूर्ति का निर्माण आठवी शताब्दी में कश्मीर के राजा ललितादित्य युक्का पीड़ा के शासनकाल के दौरान किया गया और कुछ लोगों का मानना है कि मूर्ति स्वयं-प्रकट हो गयी , मूर्ति 10 इंच(25से.मी) है एवम् भगवान नृसिंह एक कमल पर विराजमान हैं | भगवान नरसिंह के साथ इस मंदिर में बद्रीनारायण , उद्धव और कुबेर के विग्रह भी स्थापित है | मंदिर प्रागण में नरसिंह स्वामी की दायीं ओर भगवान राम , माता सीता , हनुमान जी और गरुड़ की मूर्तियाँ स्थापित हैं तथा बायीं ओर माँ चंडिका (काली माता) की प्रतिमा विराजमान हैं । भगवान नरसिंह को अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा करने के लिए एवं राक्षस हिरण्यकशिपु का वध करने के लिए जाना जाता है ।

इस मंदिर में स्‍थापित भगवान नरसिंह की प्रसिद्ध मूर्ति दिन प्रति दिन सिकुडती जा रही है । मूर्ति की बायीं कलाई पतली है और हर दिन पतली ही होती जा रही है । ऐसी मान्यता है कि जिस दिन नृसिंह स्वामी जी की यह कलाई टूट कर गिर जाएगी, उस दिन नर और नारायण (जय और विजय) पर्वत ढह कर एक हो जायेंगे और बद्रीनाथ धाम का मार्ग सदा के लिए अवरुद्ध हो जायेगा । तब जोशीमठ से तक़रीबन 23 किमी की दूरी पर, ‘भविष्य बद्री’ में नए बद्रीनाथ की स्थापना होगी एवम् ऐसी मान्यता है कि नृसिंह स्वामी अपने भक्तों की हर विपत्ति से रक्षा करते हैं।

Google Map of Narsingh Temple , Joshimath , Chamoli !!

नरसिंह मंदिर चमोली जिले में जोशीमठ क्षेत्र में NH58 के पास स्थित है | आप इस मंदिर को निचे दिए गए Google Map में देख सकते है |




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