Tungnath Temple , Rudraprayag !! (तुंगनाथ मंदिर)

0
372
तुंगनाथ मंदिर रुद्रप्रयाग

[av_one_full first min_height=” vertical_alignment=” space=” custom_margin=” margin=’0px’ padding=’0px’ border=” border_color=” radius=’0px’ background_color=” src=” background_position=’top left’ background_repeat=’no-repeat’ animation=” mobile_display=”]

[av_heading heading=’Tungnath Temple , Rudraprayag !! (तुंगनाथ मंदिर)’ tag=’h2′ style=’blockquote modern-quote modern-centered’ size=” subheading_active=” subheading_size=’15’ padding=’10’ color=” custom_font=” admin_preview_bg=”][/av_heading]

[av_textblock size=” font_color=” color=” admin_preview_bg=”]
नमस्कार दोस्तों आज हम आपको उत्तराखंड दर्शन की इस पोस्ट में रुद्रप्रयाग जिले में स्थित प्रसिद्ध प्राचीन एवम् धार्मिक मंदिर  “ Tungnath Temple , Rudraprayag !! (तुंगनाथ मंदिर)” के बारे में पूरी जानकारी देने वाले है , यदि आप  तुंगनाथ मंदिर के बारे में जानना चाहते है तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े |
[/av_textblock]

[/av_one_full][av_hr class=’default’ height=’50’ shadow=’no-shadow’ position=’center’ custom_border=’av-border-thin’ custom_width=’50px’ custom_border_color=” custom_margin_top=’30px’ custom_margin_bottom=’30px’ icon_select=’yes’ custom_icon_color=” icon=’ue808′]

[av_one_full first min_height=” vertical_alignment=” space=” custom_margin=” margin=’0px’ padding=’0px’ border=” border_color=” radius=’0px’ background_color=” src=” background_position=’top left’ background_repeat=’no-repeat’ animation=” mobile_display=”]

[av_heading heading=’History and Beliefs of Tungnath Temple , Rudraprayag !! (तुंगनाथ मंदिर का इतिहास एवम् मान्यता !!)’ tag=’h2′ style=’blockquote modern-quote modern-centered’ size=” subheading_active=” subheading_size=’15’ padding=’10’ color=” custom_font=” admin_preview_bg=”][/av_heading]

[av_textblock size=” font_color=” color=” admin_preview_bg=”]

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});

Tungnath Temple Chamoliतुंगनाथ मंदिर दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर है और यह मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में “टोंगनाथ पर्वत” श्रृंखला में स्थित पांच और सबसे अधिक पंच केदार मंदिर हैं । यह मन्दिर समुद्र तल से लगभग 3,680 मीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है टुनगनाथ (अर्थात् चोटियों का स्वामी) पर्वतों में मंदाकिनी और अलकनंदा नदी घाटियों का निर्माण होता है । यह मंदिर 1000 वर्ष से भी अधिक पुराना माना जाता है और भगवान शिव को समर्पित है | इस मंदिर में भगवान शिव को “पंचकेदार” रूप में पूजा जाता है | तुंगनाथ मंदिर केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर के लगभग बीच में स्थित है | यह मंदिर पंचकेदार के क्रम में दुसरे स्थान पर है | हिमालय पर्वत की खूबसूरत प्राकर्तिक सुन्दरता के बीच बना यह मंदिर तीर्थयात्रियो और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है | चारधाम की यात्रा करने वालो यात्रियों के लिए यह मंदिर बहुत ही महत्वपूर्ण है | मंदिर के प्रवेश द्वार पर भगवान शिव के परम भक्त “नंदी” की मूर्ति निर्मित है , जो कि पवित्र स्थान का दर्शन कर रहा है । मंदिर का पुजारी मक्कामाथ गाँव के स्थानीय ब्राह्मण होते है | यह भी कहा जाता है कि ब्राह्मण इस मंदिर में पुजारी के तौर पर काम करते है |

तुंगनाथ मंदिर की वास्तुशिल्प शैली गुप्तकाशी, मध्यम्हेश्वेर और केदारनाथ में मंदिरों के समान है | मंदिर की वास्तुकला उत्तरी भारतीय शैली से निर्मित है और मंदिर के आसपास अनेक देवताओं के कई छोटे-छोटे मंदिर हैं । मंदिर का पवित्र भाग एक पवित्र काली रॉक है , जो स्वयंमंडल या स्वयं प्रकट लिंग है । मंदिर में बाड़े के अंदर स्थित मंदिर पत्थर से बने होते हैं और बाहर की तरफ चित्र दर्शाए होते हैं । मंदिर की छतों को भी पत्थर की स्लैब से बनाया गया है ।

मंदिर के प्रवेश द्वार के दाईं ओर भगवान गणेश की एक छवि है | मंदिर के मुख्य अभयारण्य में ऋषि व्यास और काल भैरव (डेमी-देवता) की आशुट्ठु (आठ धातुओं की बनावट) मूर्तियों को भी स्थापित किया गया है । मंदिर में पांडवों की छवियों और अन्य चार केदार मंदिरों के चांदी के सजीले टुकड़े भी शामिल हैं । देवी पार्वती (शिव की पत्नी) के लिए एक छोटा मंदिर और पंच केदार को समर्पित पांच छोटे मंदिरों का समूह भी है , जिसमें तुंगनाथ शामिल हैं |

पंच के सभी केदार तक पहुँचने के लिए पैदल चलना होता है और सभी पंच केदार उचाई पर स्थित है | सर्दियों में यह सभी बंद हो जाते है क्यूंकि उस समय पूरा क्षेत्र बर्फ से ढका हुआ होता है |

तुंगनाथ मंदिर की मान्यता :-

तुंगनाथ मंदिर के बारे में यह माना जाता है कि यह मंदिर पांडवो द्वारा भगवान शिवजी को प्रसन्न करने के लिए बनाया गया था , जो कि कुरुक्षेत्र में बड़े पैमाने पर रक्तपात से नाराज थे | इस मंदिर का निर्माण का श्रेय “अर्जुन” को जाता है , जो पांडव बंधुओं के तीसरे भाई है | अर्जुन ने गंगा ग्रिह या पवित्र स्थान में स्थित भगवान की शस्त्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली लिंगम मंडल के साथ मंदिर का निर्माण किया ।

एक अन्य मान्यता के अनुसार भगवान राम ने जब रावण का वध किया, तब स्वयं को ब्रह्माहत्या के शाप से मुक्त करने के लिये उन्होंने यहाँ भगवान शिव की तपस्या की । तभी से इस स्थान का नाम ‘चंद्रशिला’ भी प्रसिद्ध हो गया।
[/av_textblock]

[/av_one_full][av_hr class=’default’ height=’50’ shadow=’no-shadow’ position=’center’ custom_border=’av-border-thin’ custom_width=’50px’ custom_border_color=” custom_margin_top=’30px’ custom_margin_bottom=’30px’ icon_select=’yes’ custom_icon_color=” icon=’ue808′]

[av_one_full first min_height=” vertical_alignment=” space=” custom_margin=” margin=’0px’ padding=’0px’ border=” border_color=” radius=’0px’ background_color=” src=” background_position=’top left’ background_repeat=’no-repeat’ animation=” mobile_display=”]
[av_heading heading=’Best Time / Best Season to Visit Tungnath Temple !! ‘ tag=’h2′ style=’blockquote modern-quote modern-centered’ size=” subheading_active=” subheading_size=’15’ padding=’10’ color=” custom_font=” admin_preview_bg=”][/av_heading]

[av_textblock size=” font_color=” color=” admin_preview_bg=”]

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});

Summers (April to August)
ग्रीष्मकाल में मंदिर का दौरा करना उपयुक्त हैं क्योंकि उस समय क्षेत्र का औसत तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के औसत तापमान के साथ गिरता है। यह मौसम सभी दर्शनीय स्थलों और आसपास के आकर्षण का दौरा करने के लिए एकदम सही है।

Monsoons (September to November)
इस मौसम में भारी बारिश होती है | यह समय दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है, उस समय पहाड़ियों का विशाल दृश्य बहुत ही सुखद होता है।

Winters (December to March)
इस मौसम में क्षेत्र में हिमपात गिरावट देखा जा सकता है । अप्रैल से नवंबर तक तुंगनाथ का दौरा करने का सबसे उपयुक्त समय है |

तुंगनाथ मंदिर की यात्रा का सबसे अच्छा मौसम अप्रैल से नवंबर तक है ।
[/av_textblock]
[/av_one_full]

[av_hr class=’default’ height=’50’ shadow=’no-shadow’ position=’center’ custom_border=’av-border-thin’ custom_width=’50px’ custom_border_color=” custom_margin_top=’30px’ custom_margin_bottom=’30px’ icon_select=’yes’ custom_icon_color=” icon=’ue808′]

[av_one_full first min_height=” vertical_alignment=” space=” custom_margin=” margin=’0px’ padding=’0px’ border=” border_color=” radius=’0px’ background_color=” src=” background_position=’top left’ background_repeat=’no-repeat’ animation=” mobile_display=”]

[av_heading tag=’h2′ padding=’10’ heading=’Google Map of Tungnath Temple , Chamoli !!’ color=” style=’blockquote modern-quote modern-centered’ custom_font=” size=” subheading_active=” subheading_size=’15’ custom_class=” admin_preview_bg=”][/av_heading]

[av_textblock size=” font_color=” color=” admin_preview_bg=”]
तुंगनाथ मन्दिर देवभूमि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग ज़िले में स्थित भगवान शिव को समर्पित है | आप इस स्थान को निचे Google Map पर देख सकते है |
[/av_textblock]

[av_google_map height=’400px’ zoom=’16’ saturation=” hue=” zoom_control=’aviaTBzoom_control’]
[av_gmap_location address=’Tungnath Temple ‘ city=’Chamoli ‘ country=’India ‘ long=’79.21702110000001′ lat=’30.4886998′ tooltip_display=’aviaTBaviaTBtooltip_display’ marker=” imagesize=’40’]
Tungnath Temple , Chamoli !!
[/av_gmap_location]
[/av_google_map]

[av_textblock size=” font_color=” color=” admin_preview_bg=”]

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});

उम्मीद करते है कि आपको “Tungnath Temple , Rudraprayag !! (तुंगनाथ मंदिर)” के बारे में पढ़कर आनंद आया होगा |

यदि आपको यह पोस्ट पसंद आई तो हमारे फेसबुक पेज को LIKE और SHARE  जरुर करे |

उत्तराखंड के विभिन्न स्थल एवम् स्थान का इतिहास एवम् संस्कृति आदि के बारे में जानकारी प्राप्त के लिए हमारा YOUTUBE CHANNELजरुर SUBSCRIBE करे |
[/av_textblock]

[/av_one_full]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here